Stock market crash graph on digital screen representing global market decline due to tariff announcements.
Global stock markets face sharp decline following new trade tariff announcements and rising crude oil prices.

Donald Trump Tariff : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 60 कारोबारी साझेदार देशों पर 10 प्रतिशत का नया शुल्क लागू करने के ऐलान के बाद 24 जुलाई को वैश्विक शेयर बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय की जांच रिपोर्ट के बाद भारत समेत 17 प्रमुख देशों से आने वाले सामान पर यह नया शुल्क लागू हो गया है। इस फैसले के तुरंत बाद एशियाई शेयर बाजारों में बिकवाली का दौर शुरू हो गया, जिससे दुनिया भर के निवेशकों में घबराहट फैल गई है।

एशियाई शेयर बाजारों में भारी तबाही और आंकड़े

शुक्रवार सुबह ट्रेडिंग शुरू होते ही एशियाई बाजारों का हाल बेहाल हो गया। जापान का निक्केई सूचकांक 2000 अंक से ज्यादा फिसलकर 64,334 पर आ गया, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक लगभग 6 प्रतिशत टूटकर 6665 के स्तर पर आ गया। हांगकांग का हैंगसेंग भी 2 प्रतिशत गिरकर 24,825 पर ट्रेड कर रहा था। भारतीय बाजार के शुरुआती संकेतक यानी गिफ्ट निफ्टी में भी 200 अंकों की बड़ी गिरावट देखी गई। इससे पहले भारतीय बाजार में सेंसेक्स 363 अंक गिरकर 76,391.39 और निफ्टी 127 अंक टूटकर 23,869.60 पर बंद हुआ था।

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कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर पार और वैश्विक तनाव

अमेरिकी टैरिफ से शेयर बाजार क्रैश होने के पीछे केवल नया व्यापार शुल्क ही अकेला कारण नहीं है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव, अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल के जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। इसके अलावा हुती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के जहाजों पर हमलों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। इससे दुनिया भर में महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है।

बाजार विशेषज्ञों का नजरिया

बाजार विश्लेषकों का कहना है कि नए व्यापार शुल्क और महंगे कच्चे तेल का दोहरा झटका विकासशील देशों के लिए चिंता का विषय है। वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार व्यापार नीतियों में अचानक हुए इस बदलाव से कई देशों के निर्यात पर सीधा असर पड़ेगा। अमेरिकी प्रशासन के इस कदम का मकसद अपने घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देना है, लेकिन इसका वैश्विक आपूर्ति व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

अमेरिकी टैरिफ से शेयर बाजार क्रैश क्यों हुआ?
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 60 कारोबारी देशों पर 10 प्रतिशत का नया शुल्क लगाने के कारण बाजारों में भारी गिरावट आई है।

डोनाल्ड ट्रंप के इस फैसले से किन देशों पर असर पड़ेगा?
भारत समेत दुनिया के 60 कारोबारी साझेदार देशों पर इसका सीधा असर पड़ेगा।

एशियाई शेयर बाजारों में कितनी गिरावट दर्ज की गई?
जापान का निक्केई 2000 अंक से ज्यादा गिरा और दक्षिण कोरिया का कोस्पी लगभग 6 प्रतिशत टूट गया।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल की क्या वजह है?
पश्चिम एशिया में तनाव, अमेरिका-ईरान संघर्ष और तेल जहाजों पर हमलों के कारण कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया।

भारतीय शेयर बाजार पर इसका क्या शुरुआती असर दिखा?
भारतीय बाजार के मुख्य संकेतक गिफ्ट निफ्टी में 200 अंकों की बड़ी गिरावट दर्ज की गई।