धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर, जानिए कौन बना नया शिक्षा मंत्री
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर, जानिए कौन बना नया शिक्षा मंत्री

dharmendra pradhan resignation: नई दिल्ली। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार कर लिया है। छात्रों के आंदोलन के बीच, प्रधान ने शनिवार दोपहर को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। अब शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी कैबिनेट मंत्री प्रल्हाद जोशी को सौंपी गई है।

जारी अधिसूचना के मुताबिक, प्रह्लाद जोशी अपनी मौजूदा जिम्मेदारियों के साथ शिक्षा मंत्रालय का काम भी संभालेंगे। यानी फिलहाल उन्हें शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, जबकि उनके मौजूदा विभाग पहले की तरह उनके पास ही रहेंगे।

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कौन हैं प्रह्लाद जोशी जो संभालेंगे ​​ शिक्षा मंत्री का प्रभार

जोशी भारतीय जनता पार्टी के सीनियर नेता हैं। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय भी प्रह्लाद जोशी के पास है। राजनीति में दो दशक से अधिक समय बिताने वाले प्रहलाद जोशी को संगठन और प्रशासन का अनुभवी नेता माना जाता है। संसद में उनकी सक्रियता, लगातार चुनावी जीत और कई अहम मंत्रालयों का अनुभव उन्हें खास बनाता है।

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कर्नाटक के विजयपुर में 27 नवंबर 1962 को जन्मे प्रह्लाद जोशी ने हुबली में रहकर पढ़ाई की और ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की। युवावस्था से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहने के कारण उनकी संगठनात्मक समझ मजबूत हुई। जोशी ने 1990 के दशक में हुबली के ईदगाह मैदान में तिरंगा फहराने के आंदोलन और विभिन्न जन अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाई। बाद में वे कर्नाटक भाजपा के प्रमुख नेताओं में शामिल हो गए।

राजनीतिक यात्रा की कैसे हुई शुरुआत

प्रह्लाद जोशी की सक्रिय राजनीतिक यात्रा की शुरुआत भाजपा के जिला संगठन से हुई। उन्होंने धारवाड़ जिले में पार्टी संगठन को मजबूत करने का काम किया और संगठन में लगातार जिम्मेदारियां निभाईं। साल 2004 में उन्होंने पहली बार कर्नाटक की धारवाड़ लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज कर संसद पहुंचे।

इसके बाद 2009, 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में भी लगातार विजय हासिल करते हुए उन्होंने इस सीट पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी। लगातार 5 बार सांसद चुने जाने से उनकी पहचान कर्नाटक के सबसे प्रभावशाली भाजपा नेताओं में बनी।

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