दुर्ग। छत्तीसगढ़ की जैव विविधता के लिए एक बेहद दुर्लभ और महत्वपूर्ण घटना सामने आई है। दुर्ग जिले के चरोदा क्षेत्र स्थित पंचशील नगर के एक घर से वन विभाग ने एक ऐसे करैत सर्प का सुरक्षित रेस्क्यू किया है जो सामान्य काले-पीले रंग का नहीं बल्कि पूरी तरह सफेद है।
विशेषज्ञों ने जांच के बाद इसे अत्यंत दुर्लभ श्वेतवर्णी करैत Leucistic Common Krait Bungarus fasciatus बताया है। छत्तीसगढ़ में इस तरह के सर्प का मिलना राज्य की समृद्ध जैव विविधता का बड़ा प्रमाण माना जा रहा है।
घर में मिला सफेद सर्प, रेस्क्यू टीम पहुंची मौके पर
वन विभाग के अनुसार पंचशील नगर के एक मकान में सफेद रंग का सांप देखे जाने की सूचना मिली थी। जिसके बाद दुर्ग वनमंडल की टीम और सर्प रेस्क्यूअर विजय शर्मा मौके पर पहुंचे। रेस्क्यू के दौरान सर्प के असामान्य सफेद रंग ने सभी का ध्यान खींचा। बाद में सर्प विशेषज्ञों ने पुष्टि की कि यह श्वेतवर्णी करैत है।
क्या है ल्यूसिज्म? सफेद रंग का कारण
विशेषज्ञों के मुताबिक सर्प का सफेद रंग किसी बीमारी के कारण नहीं है। यह ल्यूसिज्म Leucism नामक दुर्लभ आनुवंशिक स्थिति है।
इस स्थिति में शरीर में मेलानिन रंगद्रव्य की मात्रा बहुत कम हो जाती है, जिससे जीव का प्राकृतिक रंग सफेद या हल्का हो जाता है। इसकी आंखों का रंग सामान्य रहता है, इसलिए इसे एल्बिनो से अलग माना जाता है।
दक्षिण एशिया में बेहद कम मिलता है ऐसा करैत
वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि श्वेतवर्णी करैत के मामले पूरे दक्षिण एशिया में बहुत कम दर्ज हैं। अब तक इसके रिकॉर्ड नेपाल, महाराष्ट्र और ओडिशा के कुछ सीमित क्षेत्रों से ही मिले हैं। ऐसे में दुर्ग में इसका मिलना वैज्ञानिक अध्ययन और वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से बड़ी उपलब्धि है।
प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ा गया
विशेषज्ञों की पुष्टि के बाद दुर्ग वनमंडलाधिकारी दिपेश कपिल के निर्देश पर इस दुर्लभ सर्प को सुरक्षित रूप से उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।
इस दौरान आर.ए. प्रमोद यादव, सर्प मित्र विजय शर्मा और सर्प विशेषज्ञ अविनाश मौर्या की टीम ने राजनांदगांव वनमंडल के इलाके में उसे मुक्त किया।
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि घर या आसपास कोई वन्यजीव या सर्प दिखे तो उसे नुकसान न पहुंचाएं। तुरंत वन विभाग या प्रशिक्षित सर्प रेस्क्यू टीम को सूचना दें।
FAQ:
सवाल 1: सफेद करैत कहां मिला?
जवाब: दुर्ग के चरोदा क्षेत्र, पंचशील नगर के एक घर में मिला।
सवाल 2: इस सर्प का सफेद रंग क्यों है?
जवाब: यह ल्यूसिज्म नामक दुर्लभ आनुवंशिक स्थिति के कारण है, जिसमें मेलानिन कम हो जाता है।
सवाल 3: क्या यह जहरीला होता है?
जवाब: हां, करैत प्रजाति जहरीली होती है। इसलिए रेस्क्यू हमेशा प्रशिक्षित टीम से ही कराना चाहिए।
सवाल 4: इसे कहां छोड़ा गया?
जवाब: 23 जुलाई 2026 को राजनांदगांव वनमंडल के इलाके में सुरक्षित छोड़ा गया।
सवाल 5: इस खोज का महत्व क्या है?
जवाब: छत्तीसगढ़ में पहली बार श्वेतवर्णी करैत का मिलना राज्य की जैव विविधता और संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है।


