KABIRDHAM: आर्थिक तंगी, बढ़ते कर्ज, नशे की लत और अपनी विलुप्त होती पारंपरिक संस्कृति को बचाने के लिए कबीरधाम (कवर्धा) जिले के बैगा समाज ने एक मिसाल कायम की है। ग्राम हरमों में आयोजित बैगा समाज (सेक्टर भोरमदेव) की विशेष बैठक में सर्वसम्मति से कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। इस बैठक में शादी-विवाह और अन्य मांगलिक अवसरों पर डीजे (DJ) तथा शराब के सेवन और परोसने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
दिखावे और कर्ज से मिलेगी मुक्ति, फिर गूंजेगी मांदर की थाप
समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि आधुनिक दिखावे और डीजे के बढ़ते चलन के कारण गरीब परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा था। कई परिवार शादी का खर्च उठाने के लिए कर्ज लेने को विवश हो जाते थे, जिससे बाद में जमीन बिकने और पारिवारिक विवाद जैसी गंभीर स्थितियां पैदा हो जाती थीं।
अब समाज ने निर्णय लिया है कि शादी, छठी या अन्य आयोजनों में डीजे के स्थान पर बैगा समाज की पारंपरिक पहचान – मांदर और नगाड़ा की धुनों को फिर से जीवंत किया जाएगा। गौरतलब है कि बैगा जनजाति को राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र का दर्जा प्राप्त है। प्रदेश में इनकी सर्वाधिक आबादी (लगभग 60 हजार) कबीरधाम जिले के वनांचलों में निवास करती है।
“इन नियमों का मकसद किसी पर पाबंदी लगाना नहीं, बल्कि गरीब परिवारों को कर्ज के दलदल से बचाना और नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ना है।”
— समाज प्रमुख, बैगा समाज (सेक्टर भोरमदेव)
दशगात्र संस्कार के लिए सामूहिक सहयोग की अनूठी व्यवस्था
सामाजिक एकजुटता को सुदृढ़ करने के लिए मृत्यु संस्कार (दशगात्र) के लिए भी नया नियम बनाया गया है। इसके तहत सेक्टर के प्रत्येक गांव से, किसी भी परिवार में मृत्यु होने पर हर घर से अनिवार्य रूप से 20 रुपये नकद और एक पैली (लगभग 4 से 5 किलोग्राम) चावल सहयोग के रूप में दिया जाएगा, जिससे पीड़ित परिवार को आर्थिक और सामाजिक संबल मिल सके।
नशामुक्ति पर सख्त कदम
सामाजिक कार्यक्रमों में शराब के कारण बिगड़ते माहौल और कमजोर होती आर्थिक स्थिति को देखते हुए आयोजनों में शराब परोसने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
इस बैठक में सेक्टर भोरमदेव के अध्यक्ष शुक्लाल बैगा, संरक्षक कृष्णा बैगा, पूर्व जिलाध्यक्ष एवं जिला संरक्षक कामू बैगा, झूलूराम बैगा सहित बड़ी संख्या में समाज के बुजुर्ग और ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में इन सामाजिक नियमों का निष्ठापूर्वक पालन करने का संकल्प लिया।
FAQ
प्रश्न 1: बैगा समाज की विशेष बैठक का आयोजन कहाँ और किस उद्देश्य से किया गया था?
उत्तर: बैठक का आयोजन कबीरधाम जिले के ग्राम हरमों (सेक्टर भोरमदेव) में बैगा समाज द्वारा आर्थिक तंगी, कर्ज, नशाखोरी को दूर करने और अपनी पारंपरिक संस्कृति के संरक्षण व सामाजिक सुधार के उद्देश्य से किया गया था।
प्रश्न 2: सामाजिक आयोजनों में डीजे (DJ) पर प्रतिबंध लगाकर किस पारंपरिक वाद्य यंत्र को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया?
उत्तर: डीजे पर प्रतिबंध लगाकर बैगा समाज की पारंपरिक पहचान रहे मांदर और नगाड़ा को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया है।
प्रश्न 3: दशगात्र (मृत्यु संस्कार) में शोकाकुल परिवार की मदद के लिए क्या नया नियम बनाया गया है?
उत्तर: नए नियम के अनुसार, सेक्टर के प्रत्येक घर से अनिवार्य रूप से 20 रुपये नकद और एक पैली (लगभग 4 से 5 किलोग्राम) चावल सहयोग स्वरूप दिया जाएगा।
प्रश्न 4: कबीरधाम जिले में बैगा समाज की अनुमानित जनसंख्या कितनी है और इन्हें क्या विशेष दर्जा प्राप्त है?
उत्तर: कबीरधाम जिले में बैगा समाज की जनसंख्या लगभग 60 हजार है और इन्हें भारत के “राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र” (विशेष संरक्षित जनजाति) का दर्जा प्राप्त है।
प्रश्न 5: सामाजिक आयोजनों से शराब और डीजे को प्रतिबंधित करने के पीछे समाज के प्रमुखों का क्या तर्क है?
उत्तर: समाज प्रमुखों का तर्क है कि इससे गरीब परिवारों पर बेवजह का कर्ज नहीं चढ़ेगा, उनकी जमीन और आजीविका सुरक्षित रहेगी, नशाखोरी रुकेगी और नई पीढ़ी अपनी मूल संस्कृति से जुड़ी रहेगी।


