विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देश के युवाओं और छात्रों का पक्ष मजबूती से रखा।
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देश के युवाओं और छात्रों का पक्ष मजबूती से रखा।

Parliament Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर जोरदार बहस देखने को मिली। एंटी पेपर लीक बिल (सार्वजनिक परीक्षा अनुचित साधनों की रोकथाम संशोधन विधेयक) पर चर्चा करते हुए विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देश के युवाओं और छात्रों का पक्ष मजबूती से रखा। वहीं, कांग्रेस सांसद शशि थरूर और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने भी विभिन्न राज्यों और केंद्रीय नीतियों पर अपनी राय रखी।

राहुल गांधी ने बताई छात्र की असली परिभाषा

लोकसभा में बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि छात्र आंदोलन दरअसल देश के युवाओं के भावों की अभिव्यक्ति थी और हर राजनीतिक दल को इसका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा, “छात्र वह है जिसका खुला दिमाग और खुला दिल होता है। छात्र यह मानकर चलता है कि उसे सब कुछ नहीं पता और ज्ञान लगातार बदल रहा है। छात्रों में विनम्रता होती है क्योंकि वे जानते हैं कि कोई न कोई उनसे अधिक ज्ञानी मौजूद है।”

राहुल गांधी ने विपक्षी दल (भाजपा) के नेताओं को सलाह दी कि वे अपने बच्चों से पूछें कि छात्र प्रदर्शन क्यों कर रहे थे, जिससे उन्हें जमीनी हकीकत समझ आ सके।

‘केवल कानून पास करने से न्याय नहीं मिलता’ – शशि थरूर

सार्वजनिक परीक्षा विधेयक पर बोलते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। थरूर ने कहा कि केवल सजा का कड़ा प्रावधान करना या फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाना ही काफी नहीं है, बल्कि सबसे पहले पेपर लीक को रोकने के ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

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थरूर ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 2025 में फास्ट ट्रैक अदालतों में 1.5 लाख नए मामले आए, जिनमें से केवल 60 हजार मामलों में ही फैसला हो सका। जब न्यायिक व्यवस्था की क्षमता सीमित है, तो केवल फास्ट ट्रैक कोर्ट के नाम पर कानून पास करने से त्वरित न्याय नहीं मिल सकता।

झारखंड पेपर लीक पर निशिकांत दुबे का हमला

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में हुई कथित धांधली का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की जेएमएम सरकार इस मामले में केवल लीपापोती कर रही है और जांच को भटकाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ दल के नेताओं के करीबी संस्थाओं में मौजूद हैं, इसलिए निष्पक्ष जांच नहीं हो पा रही है। दिल्ली में भाजपा सांसदों ने इस मुद्दे पर जोरदार प्रदर्शन भी किया।

लोकसभा में पेश हुआ जन्म और मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयक

संसदीय कार्रवाई के दौरान लोकसभा में ‘जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक’ भी पेश किया गया। इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य देश में जन्म और मृत्यु के पंजीकरण से संबंधित मौजूदा कानूनी ढांचे और प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित एवं आधुनिक बनाना है। विधेयक पेश होने के बाद इस पर आगे की चर्चा की प्रक्रिया शुरू की गई है।

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सच बोलना असंसदीय नहीं: प्रियंका गांधी

केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी पर की गई टिप्पणियों को लेकर शुरू हुए विवाद पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि अगर सच बोलना असंसदीय है या इसके लिए सरकार सजा देना चाहती है, तो वह इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं। प्रियंका ने महिलाओं के प्रति मंत्रियों के दृष्टिकोण और पुराने मामलों का हवाला देते हुए तीखा हमला बोला।

(FAQ) अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने क्या मुख्य बिंदु रखे?

उत्तर: राहुल गांधी ने कहा कि युवा और छात्र खुले दिल और खुले दिमाग के होते हैं। उन्होंने छात्र आंदोलन को युवाओं के भावों की अभिव्यक्ति बताया और कहा कि सभी राजनीतिक दलों को उनका सम्मान करना चाहिए।

प्रश्न 2: सांसद शशि थरूर ने एंटी पेपर लीक बिल और फास्ट ट्रैक कोर्ट पर क्या आपत्ति जताई?

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उत्तर: शशि थरूर ने कहा कि केवल कड़े कानून और फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने से न्याय नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि जब अदालतों में लाखों मामले लंबित हैं, तब सबसे जरूरी कदम पेपर लीक की घटनाओं को पहले ही रोकना है।

प्रश्न 3: झारखंड पेपर लीक मामले में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने क्या आरोप लगाए?

उत्तर: निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया कि झारखंड सरकार JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली की केवल CID से लीपापोती करवा रही है और निष्पक्ष जांच से बच रही है।

प्रश्न 4: संसद के इस सत्र में जन्म और मृत्यु पंजीकरण से जुड़ा कौन सा विधेयक पेश किया गया?

उत्तर: लोकसभा में ‘जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक’ पेश किया गया, जिसका उद्देश्य पंजीकरण से जुड़ी कानूनी प्रक्रियाओं में संशोधन और सुधार करना है।

प्रश्न 5: केंद्रीय मंत्री से जुड़े विवाद पर प्रियंका गांधी वाड्रा का क्या बयान आया?

उत्तर: प्रियंका गांधी ने कहा कि सच बोलना कोई असंसदीय आचरण नहीं है और यदि सच बोलने के लिए सरकार उन्हें कोई सजा देना चाहती है, तो वह इसके लिए तैयार हैं।