Raipur Municipal Corporation: रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर मीनल चौबे ने नगर निगम मुख्यालय स्थित नगर निवेश विभाग के अधिकारियों की एक अहम समीक्षा बैठक ली। महापौर कक्ष में आयोजित इस बैठक में विभिन्न विकास कार्यों और प्रक्रियाओं की समीक्षा करते हुए महापौर ने अधिकारियों को स्पष्ट और सख्त दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने अधिकारियों से दो टूक कहा कि कालोनी निर्माण के समय से ही साइट विजिट कर निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया जाए और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए।
बंधक संपत्ति पार्ट-पार्ट में मुक्त करने पर तत्काल रोक
बैठक के दौरान महापौर मीनल चौबे ने निर्देश दिया कि कालोनाइजर्स से आवेदन प्राप्त होने पर नियमानुसार 12.50 प्रतिशत संपत्ति को मॉर्गेज (बंधक) करने के बाद ही कालोनी विकास की अनुमति दी जाए। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि पार्ट-पार्ट (टुकड़ों) में बंधक संपत्ति को मुक्त करने की परिपाटी को तत्काल बंद किया जाए। पूरी कालोनी का संपूर्ण विकास कार्य पूरा होने के बाद ही बंधक संपत्ति को मुक्त किया जाए।
महीने के भीतर आवेदन पर करना होगा अंतिम निर्णय
कालोनी पूर्णता प्रमाण पत्र (Colony Completion Certificate) के प्रकरणों पर चिंता व्यक्त करते हुए महापौर ने कहा कि बिल्डरों या आवेदकों को अकारण परेशान न किया जाए। यदि निर्माण नियमानुसार है तो तय समय-सीमा (2 माह) के भीतर प्रमाण पत्र जारी करें। यदि निर्माण में कोई कमी या नियम विरुद्ध कार्य है, तो उसका स्पष्ट उल्लेख करते हुए कारण बताओ नोटिस के साथ आवेदन निरस्त करें। फाइलों को बेवजह लटकाने की प्रथा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गलत अनुशंसा करने वाले जोनों को जारी होगा कारण बताओ नोटिस
महापौर ने जोन स्तर से आने वाली अनुशंसाओं पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि यदि जोनों से प्राप्त कालोनी पूर्णता प्रमाण पत्र की अनुशंसा नगर निवेश मुख्यालय की जांच में सही नहीं पाई जाती है, तो संबंधित जोन कमिश्नर और नगर निवेश अभियंताओं को नगर निगम अधिनियम के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। अधिकारियों से उनकी गलत अनुशंसा पर लिखित स्पष्टीकरण लेकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
महापौर द्वारा आयोजित इस समीक्षा बैठक में नगर निगम के अपर आयुक्त (नगर निवेश) पंकज के. शर्मा, नगर निवेशक आभास मिश्रा, सहायक नगर निवेशक व कार्यपालन अभियंता आशुतोष सिंह, सहायक अभियंता नितिश झा, उपअभियंता सोहन गुप्ता तथा अमित सरकार विशेष रूप से उपस्थित रहे।
(FAQs)
प्रश्न 1: महापौर मीनल चौबे ने नगर निवेश विभाग की बैठक में मुख्य रूप से क्या निर्देश दिए?
उत्तर: महापौर ने कालोनी पूर्णता प्रमाण पत्र के आवेदनों का 2 माह के भीतर निपटारा करने, अकारण फाइलों को न लटकाने और नियमों का पालन न होने पर कारण बताकर आवेदन निरस्त करने के सख्त निर्देश दिए।
प्रश्न 2: कालोनी विकास अनुमति देने के लिए बंधक (मॉर्गेज) संपत्ति को लेकर क्या नियम तय किया गया है?
उत्तर: कालोनाइजर्स द्वारा 12.50 प्रतिशत संपत्ति मॉर्गेज करने के बाद ही विकास अनुमति मिलेगी। साथ ही, टुकड़ों (पार्ट-पार्ट) में बंधक संपत्ति मुक्त करने पर रोक लगाते हुए संपूर्ण विकास के बाद ही संपत्ति मुक्त करने का निर्देश दिया गया है।
प्रश्न 3: कालोनी पूर्णता प्रमाण पत्र की समय-सीमा क्या निर्धारित की गई है?
उत्तर: महापौर ने अधिकतम 2 महीने की समय-सीमा तय की है, जिसके भीतर या तो नियमानुसार प्रमाण पत्र स्वीकृत करना होगा या कमियां बताकर आवेदन निरस्त करना होगा।
प्रश्न 4: गलत अनुशंसा भेजने वाले जोन अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी?
उत्तर: यदि जोन स्तर से नियम विरुद्ध या गलत अनुशंसा मुख्यालय भेजी जाती है, तो संबंधित जोन कमिश्नर और नगर निवेश अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी कर लिखित स्पष्टीकरण लिया जाएगा।
प्रश्न 5: समीक्षा बैठक में कौन-कौन से प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे?
उत्तर: बैठक में अपर आयुक्त पंकज के. शर्मा, नगर निवेशक आभास मिश्रा, सहायक नगर निवेशक आशुतोष सिंह, सहायक अभियंता नितिश झा, उपअभियंता सोहन गुप्ता और अमित सरकार उपस्थित थे।


