रायपुर। सांस्कृतिक एवं देशज पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन दशक से अधिक समय तक उल्लेखनीय योगदान देने वाले वरिष्ठ पत्रकार और संस्कृतिकर्मी राजेश गनोदवाले को इस वर्ष 26वें वसुंधरा सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान 14 अगस्त को भिलाई स्थित महात्मा गांधी कला मंदिर सभागार में आयोजित राष्ट्रीय वैचारिक संगोष्ठी के दौरान प्रदान किया जाएगा।
इस कार्यक्रम का आयोजन वसुंधरा एवं श्री चतुर्भुज मेमोरियल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। यह सम्मान कीर्तिशेष देवीप्रसाद चौबे की स्मृति में स्थापित किया गया है। इसका उद्देश्य लोकजागरण और समाज के प्रति उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्वों का सम्मान करना है।
निर्णायक समिति ने लिया चयन का फैसला
फाउंडेशन की सचिव श्वेता उपाध्याय ने बताया कि पत्रकार डॉ. विश्वेश ठाकरे की अध्यक्षता वाली निर्णायक समिति ने सर्वसम्मति से राजेश गनोदवाले के नाम का चयन किया है। समिति में प्रसार भारती के पूर्व निदेशक लीलाधर मंडलोई, वरिष्ठ पत्रकार सतीश जायसवाल, डॉ. वीरेन्द्र मोहन, ई.वी. मुरली, वसुंधरा सम्मान के संयोजक विनोद मिश्र तथा आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव शामिल रहे।
सांस्कृतिक पत्रकारिता को नई पहचान दिलाने में निभाई अहम भूमिका
निर्णायक समिति ने अपने वक्तव्य में कहा कि राजेश गनोदवाले सांस्कृतिक पत्रकारिता के क्षेत्र में देशभर में अपनी अलग पहचान रखते हैं। उन्होंने कला, संगीत, रंगमंच और लोक संस्कृति जैसे विषयों पर गंभीर, संवेदनशील और तथ्यपरक पत्रकारिता की है। उन्होंने पिछले तीन दशकों से छत्तीसगढ़ की लोककलाओं और सांस्कृतिक परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का लगातार प्रयास किया है। उनकी लेखनी ने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को व्यापक मंच प्रदान किया है।
प्रमुख विभूतियों पर किया महत्वपूर्ण लेखन
राजेश गनोदवाले ने भारत रत्न पंडित रविशंकर, ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित विनोद कुमार शुक्ल तथा प्रसिद्ध रंगकर्मी हबीब तनवीर सहित कई महान विभूतियों पर जीवनीपरक और तथ्याधारित लेखन किया है। लोक संस्कृति और लोक अभिरुचि पर आधारित उनके 8 मोनोग्राफ प्रकाशित हो चुके हैं, जिन्हें सांस्कृतिक दस्तावेजों के रूप में भी देखा जाता है।
कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से हो चुके हैं सम्मानित
राजेश गनोदवाले को वर्ष 2010 में चंदूलाल चंद्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा उन्हें वर्ष 2000 में ऋतुराज सम्मान, वर्ष 2011 में राष्ट्रीय कला समीक्षा सम्मान तथा नाट्य लेखन के लिए साहित्य कला परिषद, नई दिल्ली का मोहन राकेश राष्ट्रीय सम्मान भी प्राप्त हो चुका है।
इन हस्तियों को पहले मिल चुका है वसुंधरा सम्मान
विगत वर्षों में स्व. रमेश नैयर, स्व. श्याम लाल चतुर्वेदी, स्व. कुमार साहू, स्व. बसंत कुमार तिवारी, स्व. विनोद शंकर शुक्ल, स्व. शरद कोठारी, स्व. बबन प्रसाद मिश्र, डॉ. हिमांशु द्विवेदी, दिवाकर मुक्तिबोध, आशा शुक्ला, गिरिजाशंकर, ज्ञान अवस्थी, श्याम वेताल, अभय किशोर, डॉ. सुशील त्रिवेदी, गिरीश पंकज, स्व. बी.के.एस. रे, प्रकाश दुबे, स्व. तुषार कांति बोस, ई.वी. मुरली, सतीश जायसवाल, लीलाधर मंडलोई, सुधीर सक्सेना, डॉ. विश्वेश ठाकरे तथा राहुल देव को वसुंधरा सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है।


