Har Ghar Tiranga: छत्तीसगढ़ में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभक्ति का माहौल निर्मित करने और राष्ट्र निर्माताओं के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने के लिए भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रदेशव्यापी ‘हर घर तिरंगा’ अभियान और ‘तिरंगा यात्रा’ का आयोजन किया जा रहा है।
एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित एक महती पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश के उप मुख्यमंत्री द्वय अरुण साव और गृह मंत्री विजय शर्मा ने इस ऐतिहासिक अभियान की विस्तृत रूपरेखा साझा की।
बस्तर के दूरस्थ गांवों में पहली बार फहराएगा तिरंगा
10 अगस्त को मरीन ड्राइव से ऐतिहासिक शुरुआत, बस्तर के दूरस्थ गांवों में पहली बार फहराएगा तिरंगा
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए प्रदेश की सभी 450 से अधिक मण्डल इकाइयों, ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों और विकासखण्डों में तिरंगा यात्राएँ निकाली जाएंगी।
शुभारम्भ: आगामी 10 अगस्त 2026 को सुबह 10 बजे राजधानी रायपुर के मरीन ड्राइव से ‘तिरंगा यात्रा’ का ऐतिहासिक आगाज होगा। इसमें मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि, पूर्व सैनिक, स्काउट-गाइड, एनसीसी कैडेट्स, खिलाड़ी और नागरिक पारंपरिक वेशभूषा व वाद्ययंत्रों के साथ हिस्सा लेंगे।
बस्तर में तिरंगा: साव ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि बस्तर के उन दुर्गम नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी इस वर्ष 15 अगस्त को पहली बार राष्ट्रध्वज फहराया जाएगा, जहाँ आजादी के बाद से अब तक तिरंगा नहीं लहरा सका था। नागरिकों से ‘डिजिटल तिरंगा’ अभियान के तहत सोशल मीडिया पर अपनी फोटो-वीडियो अपलोड करने का भी आग्रह किया गया है।
500 स्थानों का शहीदों के नाम पर होगा नामकरण
उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने बस्तर संभाग में चलाए जा रहे विशेष अभियानों की जानकारी देते हुए बताया कि बस्तर में शांति स्थापना की दिशा में ऐतिहासिक कार्य हुआ है।
नए गांवों में ध्वजारोहण: इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर बीजापुर जिले के 33 गांवों, सुकमा के 50 गांवों और नारायणपुर के 9 गांवों में पहली बार राष्ट्रध्वज फहराया जाएगा। पूवर्ती, सिलगेर और दरभा जैसे पूर्व में अत्यंत संवेदनशील रहे क्षेत्रों को इस यात्रा से जोड़ा जा रहा है।
शहीदों के नाम पर संस्थानों का नामकरण: बस्तर संभाग के 500 से अधिक स्कूलों, प्रमुख चौराहों और सामुदायिक भवनों का नामकरण देश व प्रदेश के अमर शहीदों के नाम पर किया जाएगा।
शहीद परिवारों का सम्मान: भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के कार्यकर्ता नक्सल उन्मूलन अभियान में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों के घरों तक पहुँचकर परिजनों को तिरंगा भेंट कर रहे हैं और उनका सम्मान कर रहे हैं।
संविधान का सम्मान और नक्सलवाद का खात्मा
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दिशा-निर्देशों और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में अंतिम प्रहार किया गया है।
जो असामाजिक संगठन पूर्व में भारत के संविधान को मानने से इनकार करते थे, उनका प्रभाव अब पूरी तरह समाप्त हो चुका है। इस 15 अगस्त को समूचे बस्तर संभाग के प्रत्येक गांव में भारत का संविधान पूर्णतः लागू होगा और तिरंगा शान से लहराएगा।
FAQ
प्रश्न 1: छत्तीसगढ़ में ‘तिरंगा यात्रा’ का राज्यस्तरीय शुभारम्भ कब और कहाँ से होगा
उत्तर: ‘तिरंगा यात्रा’ का भव्य शुभारम्भ 10 अगस्त 2026 को सुबह 10 बजे राजधानी रायपुर के मरीन ड्राइव से होगा।
प्रश्न 2: बस्तर में शहीदों के सम्मान के लिए क्या विशेष निर्णय लिया गया है?
उत्तर: बस्तर संभाग के 500 से अधिक स्कूलों, प्रमुख चौराहों और सामुदायिक भवनों का नामकरण अमर शहीदों के नाम पर करने का निर्णय लिया गया है।
प्रश्न 3: इस वर्ष बस्तर के किन-किन जिलों के नए गांवों में पहली बार तिरंगा फहराया जाएगा?
उत्तर: इस वर्ष बीजापुर जिले के 33 गांवों, सुकमा के 50 गांवों और नारायणपुर के 9 दूरस्थ गांवों में पहली बार तिरंगा लहराएगा।
प्रश्न 4: ‘डिजिटल तिरंगा’ अभियान क्या है?
उत्तर: इस अभियान के तहत उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नागरिकों से अपने घरों/प्रतिष्ठानों पर तिरंगा फहराकर उसकी फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करने की अपील की है।
प्रश्न 5: बस्तर में नक्सली हिंसा से प्रभावित और शहीद जवानों के परिवारों के लिए भाजयुमो क्या कार्यक्रम चला रहा है?
उत्तर: भाजयुमो कार्यकर्ता अमर शहीदों और नक्सल प्रभावित परिवारों के घर जाकर उन्हें ससम्मान तिरंगा भेंट कर रहे हैं और आत्मीय मुलाकात कर आभार व्यक्त कर रहे हैं।


