Murrah Buffalo: मुर्रा भैंस भारत की सबसे लोकप्रिय और सबसे अधिक दूध देने वाली भैंसों की नस्लों में शामिल है। डेयरी उद्योग में इसे ब्लैक गोल्ड (काला सोना) कहा जाता है, क्योंकि यह अधिक दूध उत्पादन, उच्च फैट वाले दूध और बेहतर बाजार मूल्य के कारण पशुपालकों के लिए सबसे लाभदायक नस्ल मानी जाती है। हरियाणा की यह नस्ल आज देशभर में डेयरी फार्मिंग की पहली पसंद बन चुकी है।
क्यों खास है मुर्रा भैंस?
मुर्रा भैंस मूल रूप से हरियाणा के जींद, रोहतक और हिसार जिलों के अलावा पंजाब के कुछ क्षेत्रों की प्रमुख नस्ल है। हालांकि अब इसकी मांग पूरे देश में है। इसकी सबसे बड़ी खासियत अधिक दूध उत्पादन और उच्च गुणवत्ता वाला दूध है, जिससे घी, मक्खन, पनीर और मावा जैसे डेयरी उत्पाद अधिक मात्रा में तैयार किए जा सकते हैं।
एक दिन में कितना दूध देती है?
एक स्वस्थ मुर्रा भैंस सामान्य तौर पर 15 से 25 लीटर दूध प्रतिदिन देती है। यदि नस्ल शुद्ध हो और उचित देखभाल की जाए तो इसका उत्पादन 30 लीटर प्रतिदिन तक पहुंच सकता है। पशुपालन विभाग के अनुसार, एक ब्यांत (Lactation Period) के दौरान, यानी बछड़ा देने के बाद लगभग 9 से 10 महीने में मुर्रा भैंस 1,500 से 2,500 लीटर तक दूध देने की क्षमता रखती है।
दूध में कितना होता है फैट?
मुर्रा भैंस के दूध में 7 से 8 प्रतिशत तक फैट होता है। यही वजह है कि इससे बनने वाले डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों बेहतर होते हैं। अधिक फैट होने के कारण बाजार में इसके दूध की मांग भी अधिक रहती है।
मुर्रा भैंस की कीमत कितनी होती है?
मुर्रा भैंस की कीमत उसकी उम्र, नस्ल की शुद्धता और दूध देने की क्षमता पर निर्भर करती है।
- सामान्य मुर्रा भैंस: 60 हजार से 1 लाख रुपये
- अधिक दूध देने वाली शुद्ध नस्ल: 1.5 लाख से 2.5 लाख रुपये
- उत्कृष्ट नस्ल की मुर्रा भैंस या झोटा: कई लाख रुपये तक
राष्ट्रीय पशु मेलों में अच्छी नस्ल की मुर्रा भैंसों और झोटों की कीमत सामान्य बाजार से कहीं अधिक होती है।
मुर्रा भैंस की पहचान कैसे करें?
- जलेबी की तरह अंदर की ओर मुड़े हुए छोटे सींग
- गहरा चमकदार काला रंग
- छोटा सिर और लंबी गर्दन
- मजबूत और संतुलित शरीर
- पूंछ के सिरे पर सफेद बाल
- आकर्षक और सुडौल शरीर संरचना
मुर्रा भैंस की अन्य खूबियां
- मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता
- गर्म और बदलते मौसम में आसानी से अनुकूलन
- लंबा प्रजनन जीवन
- जीवनकाल में 10 से 12 बार तक बछड़ों को जन्म देने की क्षमता
- डेयरी व्यवसाय के लिए लंबे समय तक बेहतर मुनाफे का स्रोत
इन्हीं विशेषताओं की वजह से मुर्रा भैंस आज भी भारत के डेयरी उद्योग की सबसे भरोसेमंद नस्लों में गिनी जाती है और किसानों व पशुपालकों के लिए कमाई का मजबूत माध्यम बनी हुई है।


