नई दिल्ली। सरकार ने UPI उपयोगकर्ताओं को बड़ी राहत दी है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि UPI के जरिए भुगतान करने वाले आम उपभोक्ताओं पर किसी भी तरह का लेन-देन शुल्क नहीं लगेगा। सभी व्यक्ति-से-व्यक्ति यानी P2P लेन-देन पहले की तरह पूरी तरह निःशुल्क रहेंगे।
दअरसल भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम 2007 में संशोधन के बाद अफवाहें फैली थीं कि UPI पर शुल्क लगेगा। सरकार ने इसे गलत बताया। सरकार का कहना है कि संशोधन का मकसद UPI की लंबी अवधि की स्थिरता, साइबर सुरक्षा और तकनीकी उन्नयन के लिए निवेश सुनिश्चित करना है।
क्या बदलेगा और क्या नहीं?
- P2P लेन-देन: दोस्तों, परिवार को पैसे भेजना पूरी तरह फ्री रहेगा।
- मर्चेंट पेमेंट: अधिकांश व्यापारी लेन-देन भी शुल्क-मुक्त रहेंगे।
- MDR का मुद्दा: भविष्य में अगर MDR लागू हुआ तो वह सिर्फ एक निर्धारित सीमा से अधिक के सीमित श्रेणी के व्यापारी लेन-देन पर ही लगेगा। और इसकी दर डेबिट/क्रेडिट कार्ड के मुकाबले काफी कम होगी।
सरकार ने अफवाहों को बताया निराधार
सरकार ने उन रिपोर्ट्स को भी खारिज किया जिनमें “बाहरी दबाव” की बात कही गई थी। सरकार ने कहा, “अगर बाहरी दबाव होता तो 2016 में UPI शुरू ही नहीं होता और 2020 से इसे फ्री नहीं रखा जाता।”
MDR का फैसला कौन लेगा ?
संसद में पास “कराधान और अन्य विधि संशोधन विधेयक 2026” के बाद PSS Act की धारा 10A में संशोधन हुआ है। अब MDR से जुड़ा कोई भी फैसला NPCI की अध्यक्षता वाली ‘UPI और सेवा संचालन समिति’ ही लेगी।
सरकार का तर्क है कि UPI के अरबों लेन-देन को संभालने के लिए साइबर सुरक्षा और बुनियादी ढांचे में निवेश जरूरी है। केवल सब्सिडी पर निर्भर रहना अब संभव नहीं है। इसलिए एक स्व-टिकाऊ मॉडल जरूरी है ताकि UPI भविष्य में भी किफायती और समावेशी बना रहे।
UPI के आंकड़े
UPI अब भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुका है। जुलाई 2026 में UPI से 2,366 करोड़ लेन-देन हुए जिनका कुल मूल्य 29.9 लाख करोड़ रुपये था। UPI अब 11 विदेशी देशों में भी उपलब्ध है।
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल वित्त मंत्रालय, RBI और NPCI की आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
FAQ: UPI शुल्क और MDR
क्या UPI पर अब शुल्क लगेगा?
नहीं। आम उपभोक्ताओं के P2P लेन-देन पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।
MDR क्या है और कब लगेगा?
MDR सिर्फ बड़ी सीमा वाले कुछ व्यापारी लेन-देन पर लग सकता है। उसकी दर कार्ड से बहुत कम होगी।
सरकार ने संशोधन क्यों किया?
UPI की सुरक्षा, तकनीकी अपग्रेड और दीर्घकालिक स्थिरता के लिए निवेश जुटाने के लिए।
क्या बाहरी दबाव में यह फैसला लिया गया?
सरकार ने इसे पूरी तरह निराधार और असत्य बताया है।
UPI कितना बड़ा है?
जुलाई 2026 में 2366 करोड़ लेन-देन, 29.9 लाख करोड़ रुपये का कारोबार।


