नई दिल्ली। होटल में ठहरते समय आपको कमरे की पारंपरिक चाबी की जगह एक छोटा प्लास्टिक कार्ड मिलता है। इसे की-कार्ड कहा जाता है। यह कार्ड सिर्फ कमरे का दरवाजा खोलने के लिए नहीं होता। होटल इसकी मदद से गेस्ट की सुरक्षा, अलग-अलग जगहों का एक्सेस और कुछ मामलों में बिजली की खपत को भी नियंत्रित करते हैं। यही वजह है कि होटल और रिसॉर्ट में की-कार्ड का इस्तेमाल आम हो गया है।
कार्ड खो जाए तो भी नहीं बदलना पड़ता ताला
की-कार्ड की सबसे बड़ी खासियत इसकी सुरक्षा व्यवस्था है। अगर कोई गेस्ट अपना कार्ड खो देता है तो होटल कर्मचारी पुराने कार्ड को सिस्टम में बंद कर सकते हैं। इसके बाद उस कार्ड से कमरे का दरवाजा नहीं खुलेगा।
इस व्यवस्था से कार्ड खोने पर पूरे कमरे का ताला या लॉक बदलने की जरूरत नहीं पड़ती।
कुछ मिनट में जारी हो जाता है नया कार्ड
गेस्ट का कार्ड खो जाए या खराब हो जाए तो रिसेप्शन से नया कार्ड जारी किया जा सकता है। होटल कर्मचारी नए कार्ड को कमरे के लिए एक्टिव कर देते हैं।
इससे पारंपरिक चाबी या लॉक बदलने की तुलना में प्रक्रिया आसान हो जाती है। समय और खर्च दोनों बच सकते हैं।
चेक-आउट के बाद कार्ड काम करना बंद कर देता है
होटल की-कार्ड को गेस्ट के ठहरने की अवधि के हिसाब से एक्टिव करते हैं। चेक-आउट का तय समय खत्म होने के बाद कार्ड कमरे का दरवाजा खोलने के काम नहीं आता।
इससे गेस्ट के ठहरने की अवधि के बाहर उस कार्ड से कमरे में प्रवेश का खतरा कम होता है।
एक कार्ड से कई जगहों पर मिल सकता है प्रवेश
कुछ होटलों में की-कार्ड सिर्फ कमरे तक सीमित नहीं रहता। होटल अपनी जरूरत के हिसाब से एक ही कार्ड में अलग-अलग जगहों का एक्सेस दे सकते हैं।
ऐसे में गेस्ट कमरे के अलावा लिफ्ट, जिम, स्विमिंग पूल या होटल के दूसरे खास हिस्सों में भी इसी कार्ड का इस्तेमाल कर सकता है।
कमरे की बिजली बचाने में भी मदद
कई होटल कमरों में दरवाजे के पास कार्ड डालने के लिए एक स्लॉट होता है। कार्ड स्लॉट में लगाने पर कमरे की लाइट और एसी जैसी सुविधाएं चालू हो सकती हैं।
कमरे से बाहर जाते समय कार्ड निकालने पर बिजली की सप्लाई का कुछ हिस्सा बंद हो जाता है। इससे खाली कमरे में अनावश्यक बिजली की खपत कम करने में मदद मिल सकती है।
इसलिए होटल में बढ़ा की-कार्ड का इस्तेमाल
की-कार्ड ने होटल में कमरे की चाबी संभालने की प्रक्रिया आसान कर दी है। होटल इसके जरिए गेस्ट का एक्सेस तय कर सकते हैं और खोए हुए कार्ड को सिस्टम से बंद कर सकते हैं।
इसके अलावा, कुछ होटलों में यही व्यवस्था बिजली की खपत को नियंत्रित करने में भी मदद करती है। इन सुविधाओं के कारण होटल इंडस्ट्री में पारंपरिक चाबियों की जगह की-कार्ड का इस्तेमाल आम हो गया है।
FAQs
1. होटल में की-कार्ड क्यों दिया जाता है?
की-कार्ड का इस्तेमाल कमरे का दरवाजा खोलने के साथ गेस्ट का एक्सेस नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था में किया जाता है।
2. की-कार्ड खो जाए तो क्या होगा?
होटल कर्मचारी पुराने कार्ड को सिस्टम में बंद कर सकते हैं और गेस्ट को नया कार्ड जारी किया जा सकता है।
3. क्या चेक-आउट के बाद की-कार्ड काम करता है?
गेस्ट के ठहरने की अवधि खत्म होने के बाद कार्ड को कमरे का दरवाजा खोलने के लिए निष्क्रिय किया जा सकता है।
4. क्या एक की-कार्ड से होटल की दूसरी जगहें खुल सकती हैं?
कुछ होटलों में कार्ड के जरिए लिफ्ट, जिम, स्विमिंग पूल या अन्य खास हिस्सों का एक्सेस दिया जा सकता है।
5. क्या की-कार्ड से बिजली भी बचाई जाती है?
कुछ होटलों में कमरे के कार्ड स्लॉट से लाइट और एसी जैसी सुविधाओं की बिजली सप्लाई को नियंत्रित किया जाता है।


