Chhattisgarh Food and Drug Administration inspection
छत्तीसगढ़ खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम द्वारा मेडिकल स्टोर में दवाओं और स्टॉक रजिस्टर की जांच की कार्रवाई

CG Food and Drug Administration Action: प्रदेश में अवैध दवा कारोबार, बिना लाइसेंस संचालन और प्रतिबंधित व नियंत्रित दवाओं के अनियमित विक्रय पर अंकुश लगाने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने राज्यव्यापी विशेष सघन निरीक्षण अभियान शुरू किया है।

इस अभियान के तहत राज्य के विभिन्न जिलों में दवा प्रतिष्ठानों के लाइसेंस, स्टॉक रजिस्टर, क्रय-विक्रय अभिलेख और कूरियर/ई-कार्ट गोदामों की कड़ाई से जांच की जा रही है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर दुकानों के लाइसेंस निलंबन, कारण बताओ नोटिस और दवाओं की जब्ती जैसी प्रशासनिक कार्रवाई की जा रही है।

अवैध भंडारण पर जब्ती और लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई

अभियान के दौरान बिलासपुर जिले के ग्राम खमरिया (तखतपुर) में बिना वैध अनुज्ञप्ति के चल रहे दवा ठिकाने पर छापा मारकर 36 प्रकार की औषधियां जब्त की गईं, जिन्हें जांच हेतु प्रयोगशाला भेजा गया है। वहीं जशपुर जिले के मां भगवती मेडिकल स्टोर में औषधि नियमों की अवहेलना पाए जाने पर उसका विक्रय लाइसेंस 15 दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया। इसी प्रकार बलौदाबाजार के दामाखेड़ा में निलंबित लाइसेंस के बावजूद चल रहे मेडिकल स्टोर को पूरी तरह बंद कराया गया।

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कोरबा, सारंगढ़ और धमतरी में नियंत्रित दवाओं पर विशेष निगरानी

कोरबा और सारंगढ़ जिलों में पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए स्वापक और मनःप्रभावी (नशीली/नियंत्रित) दवाओं के स्टॉक और बिक्री रिकॉर्ड का मिलान किया गया। सारंगढ़ में अनियमितता मिलने पर 3 मेडिकल स्टोरों के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित की गई तथा सभी दवा विक्रेताओं को दुकानों में अनिवार्य रूप से CCTV कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए। धमतरी में केमिस्ट एसोसिएशन के साथ बैठक कर नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने का संकल्प लिया गया, जबकि राजनांदगांव के विद्यालयों में विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों और कोटपा (COTPA) एक्ट के प्रति जागरूक किया गया।

कूरियर सेवा प्रदाताओं पर कसता शिकंजा और विभाग की अपील

दवाओं के ऑनलाइन और ट्रांसपोर्ट माध्यमों से अवैध परिवहन को रोकने के लिए बिलासपुर में ई-कार्ट गोदामों का निरीक्षण किया गया। कूरियर और ट्रांसपोर्ट सेवा प्रदाताओं को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि केवल वैध बिल, चालान और परमिट वाले दवा पार्सल ही स्वीकार करें तथा किसी भी संदिग्ध खेप की सूचना तुरंत विभाग को दें। विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि वे केवल पंजीकृत और लाइसेंसधारी मेडिकल स्टोर से ही दवाएं खरीदें।

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(FAQ)

प्रश्न 1: खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा यह विशेष सघन अभियान क्यों चलाया जा रहा है?

उत्तर: औषधियों के अवैध भंडारण, बिना लाइसेंस बिक्री, प्रतिबंधित/नशीली दवाओं के अनियमित क्रय-विक्रय और कूरियर के माध्यम से हो रहे अवैध परिवहन को रोकने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है।

प्रश्न 2: बिलासपुर के तखतपुर में निरीक्षण के दौरान क्या कार्रवाई की गई?

उत्तर: तखतपुर के ग्राम खमरिया में बिना लाइसेंस अवैध रूप से भंडारित 36 प्रकार की औषधियां जब्त की गईं और उनके नमूने गुणवत्ता जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए।

प्रश्न 3: जशपुर जिले में मां भगवती मेडिकल स्टोर के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई?

उत्तर: औषधि नियमों के उल्लंघन और अनियमितता पाए जाने पर मां भगवती मेडिकल स्टोर का दवा बिक्री लाइसेंस 15 दिनों की अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया।

प्रश्न 4: कूरियर और ट्रांसपोर्ट सेवा प्रदाताओं को क्या निर्देश जारी किए गए हैं?

उत्तर: उन्हें केवल वैध बिक्री बिल, चालान और परमिट होने पर ही दवाओं का परिवहन करने तथा किसी भी संदिग्ध दवा पार्सल की जानकारी तुरंत विभाग को देने के निर्देश दिए गए हैं।

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प्रश्न 5: दवा विक्रेताओं के लिए नियंत्रित दवाओं की बिक्री को लेकर क्या नियम तय किए गए हैं?

उत्तर: नियंत्रित व नशीली दवाओं की बिक्री केवल डॉक्टर की वैध पर्ची पर करने, सही रिकॉर्ड संधारित करने तथा प्रतिष्ठानों में CCTV कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं।