MP Student Union Election 2026: मध्य प्रदेश में करीब 9 साल बाद होने जा रहे छात्रसंघ चुनाव में इस बार मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है। अब तक कॉलेज राजनीति में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI के बीच मुख्य मुकाबला रहा है।
पहली बार जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) भी सीधे छात्रसंघ चुनाव में उतरने की तैयारी कर रहा है। जयस ने प्रदेश के सभी कॉलेजों में उम्मीदवार उतारने की रणनीति बनाई है और आदिवासी समाज के युवाओं पर खास फोकस किया है।
आदिवासी दिवस पर जयस ने किया ऐलान
जयस की कॉलेज राजनीति में एंट्री का ऐलान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकेश मुजाल्दे ने रविवार को आदिवासी दिवस के मौके पर इंदौर में आयोजित कार्यक्रम में किया। उन्होंने कहा कि जयस अब कॉलेजों में विद्यार्थियों की आवाज बनेगा और छात्रसंघ चुनाव में अपने उम्मीदवार उतारेगा। जयस छात्र संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल बघेल ने बताया कि संगठन पूरे प्रदेश के कॉलेजों में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए जल्द ही कॉलेज स्तर पर विद्यार्थियों से संपर्क अभियान शुरू किया जाएगा।
मालवा-निमाड़ से शुरू होगा संपर्क अभियान
जयस का अभियान सबसे पहले मालवा और निमाड़ क्षेत्र के कॉलेजों से शुरू होगा। इन इलाकों में आदिवासी विद्यार्थियों की संख्या अधिक है। संगठन के पदाधिकारी कॉलेजों में विद्यार्थियों से सीधे संवाद करेंगे और छात्र समस्याओं तथा स्थानीय मुद्दों की जानकारी लेंगे। इसके बाद प्रदेश के दूसरे जिलों में भी संपर्क अभियान चलाया जाएगा। बाबूलाल बघेल के मुताबिक, जयस सभी कॉलेजों में मजबूती से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है।
आदिवासी विद्यार्थियों पर रहेगा खास फोकस
जयस की रणनीति में आदिवासी विद्यार्थी सबसे अहम समूह होंगे। संगठन प्रदेश के उन कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पहुंच बनाने की तैयारी कर रहा है, जहां आदिवासी समाज के विद्यार्थी बड़ी संख्या में पढ़ते हैं। अभियान में छात्रवृत्ति, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, बैकलॉग पदों और कॉलेजों से जुड़ी स्थानीय समस्याओं को प्रमुख मुद्दा बनाया जाएगा।
बैकलॉग भर्ती और पटवारी परीक्षा के मुद्दे पहले से उठा रहा जयस
छात्र राजनीति में औपचारिक एंट्री से पहले भी जयस युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहा है। संगठन की प्रमुख मांगों में युवाओं के लिए बैकलॉग पदों की भर्ती और पटवारी परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग खत्म करना शामिल है। इंदौर, भोपाल समेत प्रदेश के कई जिलों में जयस इन मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर चुका है। अब इन्हीं मुद्दों को कॉलेजों में विद्यार्थियों तक पहुंचाने की तैयारी है।
ABVP और NSUI के सामने बढ़ेगी चुनौती
मध्य प्रदेश की कॉलेज राजनीति में लंबे समय से ABVP और NSUI का प्रभाव रहा है। दोनों संगठन छात्र मुद्दों को लेकर कॉलेजों में सक्रिय रहे हैं। छात्रसंघ चुनाव इनके लिए राजनीतिक कैडर तैयार करने का माध्यम भी रहे हैं। जयस की एंट्री के बाद पहली बार मुकाबले में तीसरा प्रमुख छात्र संगठन सामने होगा। खासतौर पर आदिवासी बहुल इलाकों के कॉलेजों में जयस की मौजूदगी से चुनावी समीकरण बदल सकते हैं।
2013 में बना था जयस
जय आदिवासी युवा शक्ति यानी जयस का गठन 2013 में हुआ था। संगठन लंबे समय से आदिवासी समाज और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहा है। जयस ने छात्र राजनीति के लिए अलग छात्र संगठन भी तैयार किया है। इसका गठन करीब दो साल पहले किया गया था।
5 FAQs
1. मध्य प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव कब होंगे?
मध्य प्रदेश में सितंबर में छात्रसंघ चुनाव कराने की तैयारी है। अंतिम तारीख अभी घोषित नहीं हुई है।
2. छात्रसंघ चुनाव में जयस क्यों महत्वपूर्ण है?
जयस पहली बार सीधे छात्रसंघ चुनाव में उतरने की तैयारी कर रहा है और आदिवासी विद्यार्थियों के बीच अपना आधार मजबूत करने पर फोकस कर रहा है।
3. अब तक MP कॉलेजों में किन छात्र संगठनों का मुख्य मुकाबला रहा है?
अब तक ABVP और NSUI के बीच मुख्य मुकाबला रहा है।
4. जयस किन मुद्दों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है?
छात्रवृत्ति, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, बैकलॉग पदों और कॉलेजों की स्थानीय समस्याओं को प्रमुख मुद्दों में शामिल किया जाएगा।
5. जयस का संपर्क अभियान कहां से शुरू होगा?
जयस सबसे पहले मालवा और निमाड़ क्षेत्र के कॉलेजों में संपर्क अभियान शुरू करेगा।


