डिप्टी सीएम विजय शर्मा
छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा

Bastar Tiranga Yatra: छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने राजधानी रायपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में एक बड़ी घोषणा की है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत बस्तर संभाग में 12 से 14 अगस्त तक तीन दिवसीय ‘बस्तर तिरंगा यात्रा’ का आयोजन किया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नक्सलवाद के खिलाफ चलाई गई निर्णायक मुहिम के सुखद परिणाम अब सामने आ चुके हैं। 31 मार्च 2026 के बाद आ रहे इस पहले स्वतंत्रता दिवस पर बस्तर का कोना-कोना तिरंगे के रंग में रंगा नजर आएगा।

यह यात्रा 12 अगस्त को नारायणपुर से प्रारंभ होकर 150 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए दंतेवाड़ा पहुंचेगी। 13 अगस्त को दंतेवाड़ा से बीजापुर और 14 अगस्त को बीजापुर से प्रस्थान कर आवापल्ली, उसुर, कलगम और ताड़पाला होते हुए कारिकुत्तलु पहाड़ी के नीचे समाप्त होगी।

खौफ के गढ़ में तिरंगे की गूंज: 90 से अधिक गांवों में पहली बार ध्वजारोहण

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि जनवरी 2024 से लेकर अब तक बस्तर के कई दुर्गम और अंदरूनी इलाकों में लगातार राष्ट्रीय पर्व मनाए गए हैं। इस स्वतंत्रता दिवस पर बस्तर संभाग के 90 से अधिक ऐसे गांव हैं, जहां देश की आजादी के बाद पहली बार पूरे आन, बान और शान से तिरंगा फहराया जाएगा।

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शर्मा ने बस्तर में शांति न होने के झूठे दावों को खारिज करते हुए कहा कि अब बस्तरवासी सही मायनों में आजादी का अनुभव कर रहे हैं। अब क्षेत्र में ऐसी कोई राष्ट्रविरोधी ताकत नहीं बची है जो भारत के राष्ट्रीय ध्वज का अपमान कर सके।

नक्सल हिंसा के प्रमुख 31 स्थलों पर शहीदों को दी जाएगी श्रद्धांजलि

यह तिरंगा यात्रा माओवादी हिंसा में अपनी जान गंवाने वाले निर्दोष ग्रामीणों और वीर जवानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक संकल्प है। यात्रा के दौरान उप मुख्यमंत्री स्वयं उन 31 प्रमुख स्थलों पर जाएंगे जहां नक्सलियों ने जघन्य अपराधों को अंजाम दिया था। इनमें चिंगावरम (जहां 31 निर्दोषों की हत्या हुई थी), एर्राबोर (जहां 220 घर जलाए गए और 33 ग्रामीण मारे गए) और मणीकोंटा जैसे स्थान शामिल हैं।

इसके अलावा ताड़मेटला में सर्वोच्च बलिदान देने वाले 76 जवानों को नमन किया जाएगा। वहीं, 15 अगस्त को डिप्टी सीएम झीरम घाटी में मौजूद रहकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और संदेश देंगे कि जिस नक्सलवाद ने झीरम जैसी विभीषिका रची थी, उसका अब पूरी तरह अंत हो चुका है।

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शहीदों की पवित्र माटी से बनेगा भव्य संग्रहालय

उप मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि यात्रा के दौरान नक्सल हिंसा प्रभावित स्थलों से पवित्र माटी एकत्र की जाएगी। इस माटी का उपयोग रायपुर में बनने वाले राज्य स्तरीय शहीद स्मारक/संग्रहालय में किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बस्तर संभाग के 500 से अधिक स्कूलों, चौक-चौराहों और सामुदायिक भवनों का नामकरण अमर बलिदानियों के नाम पर करने की ऐतिहासिक घोषणा करेंगे। इस यात्रा में पुलिस अधिकारी, युवा, जनजातीय समाज के प्रमुख और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में हिस्सा लेंगे।

(FAQ)

प्रश्न 1: ‘बस्तर तिरंगा यात्रा’ का आयोजन कब से कब तक किया जा रहा है?

उत्तर: ‘बस्तर तिरंगा यात्रा’ का आयोजन 12 अगस्त से 14 अगस्त तक बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों में किया जा रहा है।

प्रश्न 2: बस्तर के कितने गांवों में आजादी के बाद पहली बार तिरंगा फहराया जाएगा?

उत्तर: बस्तर संभाग के 90 से अधिक ऐसे अंदरूनी और अति-संवेदनशील गांव हैं, जहां इस स्वतंत्रता दिवस पर पहली बार तिरंगा लहराएगा।

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प्रश्न 3: तिरंगा यात्रा का मार्ग क्या रहेगा?

उत्तर: यह यात्रा 12 अगस्त को नारायणपुर से दंतेवाड़ा, 13 अगस्त को दंतेवाड़ा से बीजापुर और 14 अगस्त को बीजापुर से आवापल्ली, उसुर, कलगम व ताड़पाला होते हुए कारिकुत्तलु पहाड़ी तक जाएगी।

प्रश्न 4: बस्तर की पवित्र मिट्टी का उपयोग किस कार्य के लिए किया जाएगा?

उत्तर: नक्सल हिंसा प्रभावित स्थलों से एकत्र की गई पवित्र माटी का उपयोग रायपुर में बनने वाले भव्य शहीद स्मारक और संग्रहालय के निर्माण में किया जाएगा।

प्रश्न 5: बस्तर के अमर बलिदानियों के सम्मान में क्या विशेष कदम उठाया जा रहा है?

उत्तर: बस्तर संभाग के 500 से अधिक स्कूलों, चौक-चौराहों और शासकीय भवनों का नामकरण शहीद जवानों और निर्दोष नागरिकों के नाम पर किया जाएगा।