Chhattisgarh Ka Mausam: छत्तीसगढ़ में मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को मौसम का मिजाज आंशिक रूप से साफ रहने से लेकर हलके बादलों की मौजूदगी वाला रहेगा। मौसम केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के मुताबिक प्रदेश के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में दिन का अधिकतम तापमान 32°C और न्यूनतम तापमान 26°C के आसपास दर्ज किया जा सकता है। दिन के समय हल्की धूप खिलने के साथ ही कुछ स्थानों पर स्थानीय स्तर पर हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना बनी हुई है। मौसम में आ रहे इस बदलाव से लोगों को उमस भरी गर्मी से आंशिक राहत मिल सकती है।
मौसम विशेषज्ञों के आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार को दिन भर वातावरणीय परिस्थितियों में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। हवा में नमी का औसतन स्तर 67 प्रतिशत के आसपास रहने का अनुमान है, जिससे दिन के समय हल्की उमस का अहसास हो सकता है। पश्चिमी दिशा से करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। दिन के वक्त बारिश या हल्की बौछारें पड़ने का जोखिम लगभग 25 प्रतिशत तक जताया गया है। वहीं रात के समय आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और हल्की गरज-चमक के साथ स्थिति सामान्य बनी रहने की उम्मीद है।
जिलों में कैसा रहेगा मौसम ?
बिलासपुर, अंबिकापुर, सूरजपुर, और कवर्धा जैसे जिलों में आज गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना अधिक है। चेतावनी: कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली (Lightning) गिरने की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। राजधानी रायपुर और दुर्ग-भिलाई के आसपास सुबह से ही आंशिक रूप से धूप खिली रहेगी, लेकिन दोपहर या शाम के वक्त स्थानीय बादलों के कारण छिटपुट बौछारें (Patchy Rain) पड़ सकती हैं।तापमान: रायपुर में अधिकतम तापमान 32°C तक जाएगा, जिससे उमस का स्तर बढ़ेगा। बस्तर संभाग (दक्षिणी छत्तीसगढ़)पूर्वानुमान: जगदलपुर और आसपास के जिलों में मानसून की रफ्तार थोड़ी धीमी रहेगी, लेकिन आसमान में बादलों की आवाजाही के बीच हल्की बूंदाबांदी का दौर जारी रहेगा।
सावन में मानसून की रफ्तार में बदलाव
छत्तीसगढ़ में सावन के महीने के दौरान मानसूनी हवाओं की सक्रियता सामान्य रूप से बनी रहती है। मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ के इलाकों में बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी के कारण मौसम लगातार बदलता रहता है। बीते कुछ दिनों से राज्य के अधिकांश जिलों जैसे रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और जगदलपुर में तेज धूप के साथ स्थानीय बादलों की आवाजाही देखी जा रही है। मौसम चक्र की इस स्वाभाविक प्रणाली के कारण मानसून की द्रोणिका कभी मध्य भारत की तरफ खिसकती है, तो कभी कमजोर पड़ जाती है, जिससे हल्की से मध्यम स्तर की वर्षा दर्ज की जाती है।
खेती-किसानी पर प्रभाव
मौसम के इस मिला-जुला रुख का असर प्रदेश के जनजीवन और कृषि गतिविधियों पर भी साफ नजर आएगा। हल्की धूप और नमी का यह संतुलन धान की बोआई और रोपाई कर चुके किसानों के लिए अनुकूल माना जा रहा है, हालांकि अच्छी बारिश का इंतजार अभी बना हुआ है। दिन में तापमान 32°C रहने से सड़कों और बाजारों में आवाजाही सामान्य रहेगी। वहीं, अचानक हल्की बौछारें पड़ने से दैनिक यात्रियों को थोड़ी सावधानी बरतनी पड़ सकती है। आने वाले दिनों में यदि नया मानसूनी सिस्टम बनता है, तो वर्षा की गतिविधियों में तेजी आने के आसार हैं।


