MP News: मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन की दो होनहार बेटियों ने अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर भारत का परचम लहराते हुए इतिहास रच दिया है। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय की छात्रा विधि शर्मा और उत्कर्षा पाल की जोड़ी ने नेपाल में आयोजित इंडो-नेपाल इंटरनेशनल बैडमिंटन डबल्स प्रतियोगिता के खिताबी मुकाबले में चीन की टीम को करारी शिकस्त देकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है। सोमवार रात खेले गए इस रोमांचक फाइनल मैच में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार तालमेल और आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए देश को यह गौरवान्वित करने वाली सफलता दिलाई।
इंडोनेशिया, मलेशिया और चीन को हराकर हासिल किया स्वर्ण
नेपाल में 7 अगस्त से 11 अगस्त 2026 तक आयोजित इस पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में दुनिया भर के 25 देशों की मजबूत टीमों ने हिस्सा लिया था। खेलो इंडिया अभियान के तहत चयनित विधि शर्मा (निवासी तराना) और उत्कर्षा पाल (निवासी उज्जैन) की जोड़ी ने प्रतियोगिता की शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में इस भारतीय जोड़ी ने इंडोनेशिया की चुनौती को ध्वस्त किया, तो वहीं सेमीफाइनल में मलेशियाई टीम को धूल चटाई। इसके बाद खिताबी भिड़ंत में बैडमिंटन की पावरहाउस मानी जाने वाली चीनी टीम को हराकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।
योग अध्ययन के साथ खेल के मैदान पर साधा निशाना
दोनों महिला खिलाड़ियों का खेल के प्रति समर्पण और उनकी पृष्ठभूमि भी बेहद प्रेरणादायक है। विधि शर्मा और उत्कर्षा पाल वर्तमान में सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय से योग विषय में एमए (Master of Arts) की पढ़ाई कर रही हैं। शुरुआत से ही खेलकूद में गहरी रुचि रखने वाली ये दोनों एथलीट इससे पहले भी विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करते हुए कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुकी हैं। दिल्ली में आयोजित खेलो इंडिया चयन प्रक्रिया के माध्यम से दोनों का चयन इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए हुआ था, जहां उन्होंने अपने पहले ही ओपन अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में देश का मान बढ़ाया।
स्वतंत्रता दिवस पर होगा खिलाड़ियों का भव्य नागरिक अभिनंदन
खिलाड़ियों की इस अभूतपूर्व सफलता पर परिजन, विश्वविद्यालय प्रशासन और खेल प्रेमी बेहद उत्साहित हैं। स्वर्ण पदक विजेता विधि शर्मा के पिता मुकेश शर्मा ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश और भारत के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने जानकारी दी कि दोनों स्वर्ण पदक विजेता बेटियां 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर उज्जैन लौट रही हैं। खिलाड़ियों के शहर में आगमन पर स्थानीय नागरिकों, खेल संगठनों और विश्वविद्यालय परिवार की ओर से उनका भव्य स्वागत और नागरिक अभिनंदन किया जाएगा।
उज्जैन और प्रदेश के खेल परिदृश्य पर पड़ेगा प्रभाव
छोटे शहरों और आंचलिक क्षेत्रों से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चीन जैसी दिग्गज टीम को हराने का यह कारनामा मध्य प्रदेश की खेल संस्कृति को एक नई दिशा देगा। खेलो इंडिया जैसी जमीनी प्रतिभा खोज योजनाओं के माध्यम से छोटे जिलों के खिलाड़ियों को वैश्विक मंच मिल रहा है। विधि और उत्कर्षा की यह सफलता प्रदेश की अन्य युवा महिला एथलीटों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी, जिससे भविष्य में बैडमिंटन और अन्य इंडोर खेलों में बालिकाओं की भागीदारी और प्रतिस्पर्धात्मक स्तर में उल्लेखनीय सुधार होने की संभावना है।


