Narayanpur: नारायणपुर में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई: तेंदुए की खाल ले जाते 3 तस्कर गिरफ्तार, 2 बाइक जब्त
रायपुर। वन्यजीव तस्करी के खिलाफ छत्तीसगढ़ वन विभाग ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। नारायणपुर जिले के धौड़ाई परिक्षेत्र में गश्त के दौरान वन टीम ने तेंदुए की खाल ले जा रहे तीन आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा। उनके पास से खाल के साथ दो मोटरसाइकिलें भी जब्त की गई हैं।
तलाशी के दौरान पकड़ में आये तस्कर
वनमंडलाधिकारी के निर्देश पर धौड़ाई परिक्षेत्र के अधिकारियों और कर्मचारियों ने गायतापारा सड़क किनारे दो मोटरसाइकिलों पर सवार तीन लोगों को रोका। तलाशी में उनके पास से एक तेंदुए की खाल बरामद हुई।
जब्त खाल की माप भी दर्ज की गई है। खाल की लंबाई 184 सेंटीमीटर, सामने के दोनों पैरों के बीच 125 सेंटीमीटर, पीछे के दोनों पैरों के बीच 118 सेंटीमीटर और पेट की चौड़ाई 55 सेंटीमीटर पाई गई। इस दौरान वाहन क्रमांक CG-21/J-4096 और CG-21/J-0920 को भी जब्त कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी
- सोनूराम कचलाम, 39 वर्ष, निवासी ग्राम रोहताड़, छोटेडोंगर
- पुनीत कुमार बघेल, 32 वर्ष, निवासी ग्राम छोटेडोंगर, डुरकाडोंगरी
- जमधर पोटाई, 50 वर्ष, निवासी ग्राम तारागांव, धौड़ाई
तीनों को गिरफ्तार कर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, नारायणपुर के समक्ष प्रस्तुत किया गया। कोर्ट ने उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। इस अधिनियम के तहत दोषी पाए जाने पर 7 साल तक की सजा का प्रावधान है। मामले की आगे जांच जारी है।
इस कार्रवाई पर वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अवैध शिकार और तस्करी करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने अधिकारियों को वन्यजीव संरक्षण को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं।
FAQ ; तेंदुए के खाल सहित 3 तस्कर पकड़ाए
Q1. यह घटना कहां हुई?
यह कार्रवाई नारायणपुर जिले के धौड़ाई परिक्षेत्र के गायतापारा सड़क किनारे 8 अगस्त 2026 को हुई।
Q2. आरोपियों के पास से क्या-क्या बरामद हुआ?
आरोपियों से एक के पास तेंदुए की खाल और दो मोटरसाइकिलें CG-21/J-4096 और CG-21/J-0920 जब्त की गई हैं।
Q3. गिरफ्तार लोगों के नाम क्या हैं?
सोनूराम कचलाम, पुनीत कुमार बघेल और जमधर पोटाई। तीनों नारायणपुर जिले के अलग-अलग गांवों के रहने वाले हैं।
Q4. आरोपियों पर कौन सा कानून लगा है?
उन पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ है। इसमें 7 साल तक की सजा हो सकती है।
Q5. सरकार का इस मामले पर क्या रुख है?
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और वन अधिकारियों को संरक्षण के उपाय और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।


