Annapurti Grain ATM: कभी राशन दुकान से खाद्यान्न लेने के लिए लोगों को लंबी कतारों में घंटों खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता था, लेकिन बिलासपुर के सरकंडा में शुरू हुई ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ की नई व्यवस्था से अब यह प्रक्रिया कुछ ही मिनटों में पूरी हो रही है।
तकनीक से जुड़ी इस अभिनव पहल से हितग्राहियों को समय की बचत, सटीक तौल और पूरी तरह से पारदर्शी वितरण का सीधा अनुभव मिल रहा है।
कैसे काम करता है ग्रेन एटीएम
ग्रेन एटीएम में राशन प्राप्त करने की प्रक्रिया बेहद सरल और डिजिटल है। चिंगराजपारा निवासी हितग्राही प्रीति मानिकपुरी और दुर्गेश कुमार यादव ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि मशीन पर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण (फिंगरप्रिंट) करते ही स्क्रीन पर उनकी पात्रता के अनुसार राशन की पूरी जानकारी आ जाती है। जैसे ही हितग्राही स्क्रीन पर पुष्टि करता है, नीचे लगे डिस्पेंसर से निर्धारित मात्रा में चावल सीधे थैले में भर जाता है। इससे तौल में गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं रहती।
कतारों से मुक्ति और संचालकों को भी सुविधा
सरकंडा स्थित ग्रेन एटीएम की संचालिका रिंकू सिंह ठाकुर के अनुसार, इस मशीन-आधारित व्यवस्था से राशन वितरण का काम काफी सुव्यवस्थित और त्वरित हो गया है। भीड़ को नियंत्रित करने में आसानी हो रही है और राशन दुकानों पर होने वाले विवादों व अनिश्चितता में कमी आई है। राशन सीधे मशीन से मिलने के कारण हितग्राहियों का समय बचता है और प्रक्रिया सुगम बनती है।
सशक्त बनती सार्वजनिक वितरण प्रणाली
छत्तीसगढ़ शासन की यह पहल यह साबित करती है कि योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उसे सम्मानजनक, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से नागरिकों तक पहुंचाना भी जरूरी है। बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन से लेकर स्क्रीन पर डिस्प्ले और स्वचालित अनाज वितरण तक, यह पूरी व्यवस्था सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में आम जनता का विश्वास और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।
FAQ
प्रश्न 1: ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ की शुरुआत छत्तीसगढ़ के किस स्थान पर की गई है?
उत्तर: इसकी शुरुआत बिलासपुर के सरकंडा क्षेत्र से की गई है।
प्रश्न 2: ग्रेन एटीएम के माध्यम से राशन प्राप्त करने की प्रक्रिया क्या है?
उत्तर: हितग्राही बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण (अंगूठे का निशान) लगाता है, स्क्रीन पर उसकी पात्रता दिखती है और पुष्टि करते ही मशीन से निर्धारित मात्रा में अनाज थैले में गिर जाता है।
प्रश्न 3: ग्रेन एटीएम व्यवस्था से हितग्राहियों को क्या मुख्य लाभ मिल रहे हैं?
उत्तर: इससे हितग्राहियों का समय बचता है, लंबी कतारों से मुक्ति मिलती है, सटीक तौल सुनिश्चित होता है और वितरण में पूर्ण पारदर्शिता आती है।
प्रश्न 4: क्या इस व्यवस्था में तौल में गड़बड़ी की संभावना रहती है?
उत्तर: नहीं, स्वचालितDispenser मशीन के कारण बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के पूरी तरह से सटीक और निर्धारित मात्रा में ही अनाज मिलता है।
प्रश्न 5: शासन की इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को आधुनिक, पारदर्शी, त्वरित और तकनीक-आधारित बनाकर आम जनता को सुगम सेवा प्रदान करना।


