Surrender of Naxalites in Jharkhand: केंद्र सरकार ने भले ही देश को नक्सल मुक्त घोषित कर दिया है, मगर अब भी कुछ ऐसे इलाके हैं जहां नक्सली सक्रिय हैं। इनमें झारखण्ड राज्य भी शामिल है। हालांकि इनके समर्पण का दौर भी चल रहा है।
झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी कामयाबी मिली है। पश्चिमी सिंहभूम में सरकार की आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर प्रतिबंधित भाकपा माओवादी संगठन के 4 उग्रवादियों ने पुलिस और सीआरपीएफ के सामने सरेंडर कर दिया। सरेंडर करने वालों में 10 लाख के इनामी जोनल कमेटी मेंबर भी शामिल है।

किन नक्सलियों ने किया सरेंडर?
पुलिस के मुताबिक आत्मसमर्पण करने वाले चारों नक्सली लंबे समय से सारंडा और कोल्हान क्षेत्र में सक्रिय थे।
- सालुका कायम उर्फ भुवनेश्वर – जोनल कमेटी मेंबर, 10 लाख रुपये का इनाम। निवासी – कुदाबुरु, सोनुवा
- कोदो मुनि कोड़ा – 1 लाख रुपये का इनामी। निवासी – रेंगड़ाहातू, टोंटो
- अनिता तमसोय उर्फ अनिता कयाम – निवासी – अंजेदबेड़ा, मुफस्सिल
- पिंकी – निवासी – इचागोड़ा, गोइलकेरा

बड़े नक्सल कांड दर्ज है सालुका पर
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सालुका कायम पिछले कई वर्षों से पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां के जंगलों में सक्रिय रहा. उस पर सुरक्षा बलों पर आईईडी विस्फोट, पुलिस मुठभेड़, हथियारबंद हमले, रेलवे ट्रैक उड़ाने, हत्या, अपहरण, रंगदारी, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने तथा निर्माण कार्यों में लगी मशीनों को आग लगाने जैसे गंभीर आरोप हैं। उसके खिलाफ यूएपीए, आर्म्स एक्ट, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और सीएलए एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
सारंडा-कोल्हान नेटवर्क को झटका
सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि सारंडा, कोल्हान और पोड़ाहाट इलाका नक्सल गतिविधियों का गढ़ माना जाता है। एक साथ 4 माओवादियों के सरेंडर से यहां चल रहे नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी मजबूती मिली है।
लगातार सर्च ऑपरेशन और मुठभेड़ों के दबाव के साथ सरकार की पुनर्वास नीति का असर अब दिखने लगा है। इसी का नतीजा है कि नक्सली हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौट रहे हैं।
सरकार देगी पुनर्वास सहायता
झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत सरेंडर करने वाले नक्सलियों को आर्थिक सहायता, कौशल प्रशिक्षण और अन्य सुविधाएं दी जाएंगी। अधिकारियों का दावा है कि इससे आने वाले दिनों में और नक्सली भी सरेंडर के लिए प्रेरित होंगे।
FAQ – नक्सलियों का सरेंडर
सवाल: झारखंड में कितने नक्सलियों ने सरेंडर किया?
पश्चिमी सिंहभूम में 4 माओवादियों ने सरेंडर किया, जिसमें 10 लाख का इनामी भी शामिल है।
सवाल: सरेंडर करने वाले मुख्य नक्सली का नाम क्या है?
सालुका कायम उर्फ भुवनेश्वर – जोनल कमेटी मेंबर, 10 लाख रुपये का इनाम।
सवाल: सरकार सरेंडर करने वालों को क्या देगी?
सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आर्थिक सहायता और अन्य सुविधाएं दी जाएंगी।


