Doctors March to CM House: रायपुर में सरकारी मेडिकल कॉलेजों के MBBS इंटर्न डॉक्टरों ने सम्मानजनक स्टाइपेंड की मांग को लेकर पैदल मार्च निकाला।
डॉटर्स का यह मार्च मेकाहारा अस्पताल से शुरू होकर मुख्यमंत्री निवास की ओर निकला। बड़ी संख्या में इंटर्न डॉक्टर इसमें शामिल हुए। इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि वे अस्पतालों में मरीजों की देखभाल और इमरजेंसी सेवाओं की रीढ़ हैं, लेकिन उन्हें महंगाई के हिसाब से पर्याप्त स्टाइपेंड नहीं मिल रहा।
क्या है मांग?
वर्तमान में छत्तीसगढ़ के इंटर्न डॉक्टरों को 15,900 रुपये प्रति माह स्टाइपेंड मिलता है। डॉक्टरों ने इसे बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रति माह करने की मांग की है।
इंटर्न डॉक्टरों की मुख्य मांगें
- स्टाइपेंड 15,900 से बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रति माह किया जाए।
- धमकी और दबाव के बजाय सकारात्मक संवाद हो।
- सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण सुनिश्चित किया जाए।
- इंटर्न डॉक्टरों को स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हुए जल्द फैसला लिया जाए।
बैठक को लेकर नाराजगी
इंटर्न डॉक्टरों के अनुसार आज दोपहर 12 बजे विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के प्रतिनिधियों को बैठक के लिए बुलाया गया था। उन्हें उम्मीद थी कि सरकार उनकी मांगों पर चर्चा करेगी। लेकिन आरोप है कि बैठक में स्टाइपेंड पर बात करने के बजाय फीस बढ़ाने और हॉस्टल बजट हटाने जैसे मुद्दे उठाए गए। डॉक्टरों ने साफ कहा कि वे किसी कॉलेज सुविधा को बंद करवाने या छात्रों पर आर्थिक बोझ डालने के खिलाफ हैं। वे चाहते हैं कि सरकार बजट और नीति स्तर पर समाधान निकाले।
जेडीए ने दिया समर्थन
जेडीए रायपुर के अध्यक्ष डॉ. पीयूष श्रीवास्तव ने मार्च में शामिल होकर इंटर्न डॉक्टरों के साथ एकजुटता जताई। इंटर्न डॉक्टरों ने कहा कि वे मरीजों की सेवा से पीछे नहीं हटेंगे। उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि सम्मानजनक स्टाइपेंड और बेहतर कार्य स्थितियों के लिए है।
FAQ: इंटर्न डॉक्टर्स का पैदल मार्च
सवाल: इंटर्न डॉक्टर अभी कितना स्टाइपेंड पा रहे हैं और कितनी मांग कर रहे हैं?
अभी इंटर्न डॉक्टरों को 15,900 रुपये प्रति माह मिल रहा है। वे इसे बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रति माह करने की मांग कर रहे हैं।
सवाल: मार्च कहां से कहां तक निकाला गया?
मार्च रायपुर के मेकाहारा अस्पताल से शुरू होकर मुख्यमंत्री निवास की ओर
सवाल: बैठक में क्या हुआ जिससे डॉक्टर नाराज हैं?
डॉक्टरों का आरोप है कि बैठक में स्टाइपेंड पर चर्चा के बजाय फीस बढ़ाने और हॉस्टल बजट हटाने की बात हुई।
सवाल: इंटर्न डॉक्टरों की अन्य मांगें क्या हैं?
सुरक्षित कार्य वातावरण सकारात्मक संवाद और इंटर्न को स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा मानकर जल्द फैसला लेना।
सवाल: क्या JDA ने समर्थन किया?
हां JDA रायपुर के अध्यक्ष डॉ. पीयूष श्रीवास्तव मार्च में शामिल हुए और इंटर्न डॉक्टरों का समर्थन किया।


