PM Awas Yojana: नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर मीनल चौबे ने प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत बन रहे और पूर्ण हो चुके मकानों की प्रगति तथा गुणवत्ता की बिंदुवार विस्तृत समीक्षा की। निगम मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान महापौर ने पीएम आवास योजना के अभियंताओं और अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं।
महापौर ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक योजना के तहत बने हुए या प्रगतिरत आवासों में पानी, नाली, ड्रेनेज जैसी मूलभूत अधोसंरचना (Infrastructure) की सही तरीके से जांच न कर ली जाए, तब तक कोई भी पूर्णता प्रमाणपत्र (Completion Certificate) जारी न किया जाए।
कचना, दलदल सिवनी और कोटा की साइटों में मिलीं खामियां
समीक्षा बैठक के दौरान अभियंताओं ने महापौर को विभिन्न निर्माण स्थलों की स्थिति से अवगत कराया। इस दौरान कई प्रमुख प्रोजेक्ट्स में निर्माण के बाद भी कई गंभीर समस्याएं सामने आईं:
कचना (फॉर्च्यून रिसोर्स फेज-1 व 2): नाली निकासी की समस्या, चैंबर मरम्मत का अभाव और पुट्टी-प्लास्टर उखड़ने की शिकायतें मिलीं।
दलदल सिवनी व लाभांडी (BSUP HPL साइट्स): सफाई, पानी निकासी, ड्रेनेज पाइपलाइन, सीपेज, बाउंड्रीवॉल का अभाव और सीवर लाइन चैंबर की गंभीर समस्याएं सामने आईं।
कोटा (शहीद भगत सिंह गृह निर्माण समिति): मकानों के निर्माण के बाद भी सीपेज और सेप्टिक टैंक की खामियां पाई गईं।
मठपुरैना व आमासिवनी: सीवरेज लाइन, सीपेज और गर्मियों में पेयजल किल्लत की समस्याएं देखने को मिलीं।
इन सभी स्थलों पर मिली घटिया निर्माण संबंधी खामियों पर महापौर मीनल चौबे ने गहरी नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को संबंधित ठेकेदारों को तत्काल नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
भौतिक परीक्षण और संतुष्टि के बिना नहीं होगा ठेकेदारों का शेष भुगतान
महापौर मीनल चौबे ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस महत्वाकांक्षी योजना का जिक्र करते हुए कहा कि राजधानी रायपुर में आवासों की गुणवत्ता में किसी भी तरह का समझौता या लापरवाही कदापि सहन नहीं की जाएगी।
उन्होंने अधीक्षण अभियंता राजेश राठौर, कार्यपालन अभियंता अंशुल शर्मा (जूनियर) तथा सहायक अभियंता अमित बोस को सख्त हिदायत दी कि:
संबंधित ठेकेदारों से तत्काल नोटिस जारी करवाकर घटिया निर्माण में सुधार (Quality Improvement) करवाया जाए।
सुधार के बाद स्थल का स्वयं भौतिक परीक्षण (Physical Inspection) किया जाए।
जब तक अधिकारी तकनीकी और व्यावहारिक रूप से संतुष्ट न हो जाएं, तब तक ठेकेदारों के शेष देयकों (Pending Payments) के भुगतान की फाइल किसी भी हाल में पुट-अप न की जाए।
गुणवत्ता से समझौता करने वाले ठेकेदारों पर लगेगा कड़ा प्रतिबंध
महापौर ने कहा कि अधिकारियों की पहली प्राथमिकता यह होनी चाहिए कि ठेकेदारों के माध्यम से श्रेष्ठ गुणवत्ता वाले आवासों का निर्माण हो। जिन ठेकेदारों ने कार्य पूर्ण करने के बाद भी बुनियादी सुविधाओं और निर्माण गुणवत्ता में लापरवाही बरती है, उनके भुगतान पर तत्काल प्रभाव से प्रशासनिक प्रतिबंध लगाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को सतत मॉनिटरिंग (Continuous Monitoring) करने और आम नागरिकों को पारदर्शी व गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराने के कड़े निर्देश दिए हैं।
(FAQs)
प्रश्न 1: महापौर मीनल चौबे ने PMAY के मकानों को लेकर अधिकारियों को क्या मुख्य निर्देश दिए?
उत्तर: महापौर ने निर्देश दिया कि बिना मूलभूत अधोसंरचना (पानी, नाली, ड्रेनेज) की जांच किए किसी भी निर्माण का कार्य पूर्णता प्रमाणपत्र (Completion Certificate) जारी न किया जाए।
प्रश्न 2: ठेकेदारों के शेष भुगतान (Pending Payments) को लेकर क्या सख्ती बरती गई है?
उत्तर: महापौर ने आदेश दिया है कि जब तक निर्माण कार्य का भौतिक परीक्षण करके अधिकारी गुणवत्ता से संतुष्ट न हो जाएं, तब तक ठेकेदारों के भुगतान की फाइल प्रक्रियाधीन न की जाए और भुगतान पर रोक रखी जाए।
प्रश्न 3: समीक्षा बैठक में किन-किन इलाकों की पीएम आवास साइटों में खामियां पाई गईं?
उत्तर: कचना, दलदल सिवनी, लाभांडी, कोटा (शहीद भगत सिंह गृह निर्माण समिति), आमासिवनी और मठपुरैना स्थित आवास परिसरों में प्लास्टर उखड़ने, सीपेज, नाली निकासी और सीवर की समस्याएं पाई गईं।
प्रश्न 4: समीक्षा बैठक में रायपुर निगम के कौन-कौन से वरिष्ठ अभियंता उपस्थित थे?
उत्तर: बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना शाखा के अधीक्षण अभियंता राजेश राठौर, कार्यपालन अभियंता अंशुल शर्मा (जूनियर) और सहायक अभियंता अमित बोस उपस्थित थे।
प्रश्न 5: निर्माण कार्यों में किस तरह की मुख्य तकनीकी और बुनियादी समस्याएं रिपोर्ट की गईं?
उत्तर: मकानों में मुख्य रूप से सीपेज, पुट्टी और प्लास्टर उखड़ने, सेप्टिक टैंक व ड्रेनेज चैंबर की खराबी, बाउंड्रीवॉल की कमी और जल निकासी की समस्याएं रिपोर्ट की गईं।


