Fda Notice: महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को विमल इलायची के विज्ञापन को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कमिश्नर तुकाराम मुंडे के नेतृत्व में FDA राज्य में प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों और उनके प्रचार के खिलाफ सख्त अभियान चला रहा है। नियामक ने एफएसएस एक्ट (FSS Act) की धारा 24 और 53 के तहत इस विज्ञापन और तीनों अभिनेताओं की भूमिका की जांच शुरू की है।
पहली बार हो रही सरोगेट विज्ञापन की ऐसी जांच
FDA के अनुसार, यह पहली बार है जब किसी सरोगेट (अप्रत्यक्ष) विज्ञापन की इतने बड़े स्तर पर जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि विज्ञापन की प्रस्तुति, संवाद और ब्रांड का नाम पहली नजर में विमल ब्रांड को बढ़ावा देता है, जो मुख्य रूप से पान मसाला से जुड़ा हुआ है। महाराष्ट्र में 13 जुलाई 2026 से जारी आदेश के तहत पान मसाला के निर्माण, भंडारण, बिक्री और वितरण पर एक वर्ष के लिए पूर्ण रोक है।
भ्रामक विज्ञापनों पर सख्त धाराओं के तहत कार्रवाई
FDA ने स्पष्ट किया है कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 की धारा 24 भ्रामक विज्ञापनों पर रोक लगाती है। वहीं धारा 53 के तहत खाद्य पदार्थों के भ्रामक विज्ञापन प्रकाशित करने या उसमें शामिल होने पर 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। इसके अलावा, राज्य में संगठित नेटवर्क के जरिए गुटखा और तंबाकू बेचने वालों के खिलाफ पुलिस के साथ समन्वय बनाकर मकोका (MCOCA) लागू करने की तैयारी भी की जा रही है।
(FAQs)
प्र.1: महाराष्ट्र FDA ने किन अभिनेताओं को नोटिस जारी किया है?
उ.: FDA ने अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को नोटिस जारी किया है।
प्र.2: इन अभिनेताओं को किस विज्ञापन के सिलसिले में नोटिस मिला है?
उ.: इन्हें ‘विमल इलायची’ के विज्ञापन में काम करने और उसके प्रचार से जुड़ी भूमिका के स्पष्टीकरण के लिए नोटिस मिला है।
प्र.3: अभिनेताओं और ब्रांड पर मुख्य आरोप क्या हैं?
उ.: आरोप है कि यह विज्ञापन इलायची के बहाने राज्य में प्रतिबंधित ‘विमल पान मसाला’ का अप्रत्यक्ष या सरोगेट (Surrogate) प्रचार कर रहा है।
प्र.4: FSS Act की धारा 53 के तहत क्या प्रावधान है?
उ.: इस धारा के तहत खाद्य पदार्थों के भ्रामक विज्ञापन में शामिल या उसे प्रकाशित करने वाले व्यक्ति पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
प्र.5: महाराष्ट्र में पान मसाला और तंबाकू उत्पादों पर क्या प्रतिबंध हैं?
उ.: महाराष्ट्र में 2012 से तंबाकू/निकोटीन युक्त गुटखा और पान मसाला पर रोक है, जिसे 13 जुलाई 2026 से एक और वर्ष के लिए प्रभावी किया गया है।


