नई दिल्ली। वरिष्ठ वकील रहे राम जेठमलानी (Ram Jethmalani) का रविवार को निधन हो गया। 95 वर्षीय राम जेठमलानी सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता थे। इनकी गिनती देश के नामचीन क्रिमिनल वकीलों में की जाती रही है। वे भाजपा (BJP) की ओर से राज्यसभा सांसद भी रह चुके हैं।

जेठमलानी ने 17 साल की उम्र में ही वकालत की डिग्री हासिल कर लिया था। तब नियमों में संशोधन कर उन्हें 18 वर्ष की उम्र में प्रैक्टिस करने की इजाजत दी गई थी। जबकि नियमानुसार प्रैक्टिस की उम्र सीमा 21 वर्ष थी।

उनके द्वारा लड़े गए केस

जेठमलानी (Ram Jethmalani) ने जो प्रमुख केस लड़े उनमें नानावटी बनाम महाराष्ट्र सरकार, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के हत्यारों सतवंत सिंह और बेअंत सिंह, हर्षद मेहता स्टॉक मार्केट स्कैम, हाजी मस्तान केस, हवाला स्कैम, मद्रास हाईकोर्ट, आतंकी अफजल गुरु, जेसिका लाल मर्डर केस, 2जी स्कैम केस और आसाराम का मामला शामिल है। इसके साथ ही जेठमलानी ने बाबा रामदेव , राजीव गांधी के हत्यारों , लालू यादव , जयललिता और जगन रेड्डी की पैरवी कर चुके थे।

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मुफ्त में लड़े कई मामले

आजाद भारत के इतिहास में कई मोड़ों पर रामजेठमलानी (Ram Jethmalani) काला कोट पहने खड़े दिखते हैं। एक समय पर देश के सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले लोगों में शामिल रहे जेठमलानी ने कई चर्चित मामलों में मुफ्त में मुकदमा लड़ा। अपने अंदाज और अपने तेवर में कभी भाजपा में रहे जेठमलानी अटल बिहारी कैबिनेट में मंत्री बने थे। बाद में पार्टी से 6 साल के लिए प्रतिबंधित होने के बाद अटल बिहारी वाजपेयी के खिलाफ ही चुनाव लड़ने उतर गए थे।

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