UNSC में बोले पीएम मोदी- हमारे समुद्री रास्ते 'अंतरराष्‍ट्रीय व्यापार की लाइफ लाइन'
UNSC में बोले पीएम मोदी- हमारे समुद्री रास्ते 'अंतरराष्‍ट्रीय व्यापार की लाइफ लाइन'

नेशनल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार की शाम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिद की समुद्री सुरक्षा पर एक खुली परिचर्चा की डिजिटल माध्यम से अध्यक्षता की और इसकी चुनौतियां पर दुनिया के सामने अपना विचार रखा है।

इस बैठक में समुद्री अपराध और असुरक्षा से निपटने की रणनीति पर चर्चा हुई। पीएम ने इस बैठक में कहा कि आतंकवाद और पायरेसी के लिए समुद्री रास्तों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

बैठक की शुरुआत करते हुए पीएम मोदी बोले कि समुद्र हमारी साझा धरोहर हैं। समुद्री मार्ग अंतरराष्‍ट्रीय व्यापार की लाइफ लाइन हैं। ये समंदर हमारे ग्रह के भविष्य के लिए बेदह महत्वपूर्ण हैं। लेकिन, हमारी इस साझा समुद्री धरोहर को आज कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।’

पीएम ने कहा, ‘पायरेसी और आतंकवाद के लिए समुद्री रास्तों का दुरुपयोग हो रहा है। अनेक देशों के बीच समुद्री विवाद हैं। जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाएं भी समुद्र से जुड़े विषय हैं।’

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पहली बार समुद्री सुरक्षा पर समग्र रूप से हुई चर्चा

प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये इस खुली परिचर्चा की अध्यक्षता की। इसका विषय था- ‘समुद्री सुरक्षा को बढ़ावा: अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता।’ यह परिचर्चा समुद्री अपराध और असुरक्षा का प्रभावी ढंग से मुकाबला और समुद्री क्षेत्र में समन्वय को मजबूत करने के तरीकों पर केंद्रित थी। यूएनएससी ने समुद्री सुरक्षा और समुद्री अपराध के विभिन्न पहलुओं पर पूर्व में चर्चा कर कई प्रस्ताव पारित किए हैं। हालांकि, यह पहली बार था जब उच्च स्तरीय खुली बहस में एक विशेष एजेंडा के रूप में समुद्री सुरक्षा पर समग्र रूप से चर्चा की गई।

पीएम ने रखे पांच सिद्धांत

पीएम ने इस बैठक में पांच सिद्धांत रखे। उन्होंने कहा, ‘वैध समुद्रीय व्यापार से बैरियर हटाने चाहिए। समुद्री विवादों का समाधान शांतिपूर्ण और अंतरराष्‍ट्रीय कानून के आधार पर ही होना चाहिए। हमें प्राकृतिक आपदाओं और समुद्री खतरे का सामना मिलकर करना चाहिए। समुद्रीय पर्यावरण और संसाधनों को संजोकर रखना होगा। हमें जिम्मेदार समुद्रीय कनेक्टिविटी को प्रोत्साहित करना चाहिए।’

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