कोलकाता। दक्षिणी अफ्रीका में ओमिक्रॉन का सबसे पहले पता लगाने वाली डॉ. एंजेलिक कोएत्जी ने कहा है कि भारत में कोरोना वायरस के इस नए स्वरूप के कारण संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी दिखेगी, लेकिन अधिकतर लोगों में मामूली लक्षण दिखने की उम्मीद है, जैसा कि दक्षिण अफ्रीका में देखा जा रहा है। ओमिक्रॉन से बच्चों को खतरा है। ओमिक्रॉन अभी अपने खतरनाक स्वरूप में नहीं है लेकिन इसके आगे और खतरनाक होने की उम्मीद है।

डॉ. एंजेलिक कोएत्जी ने कहा, यदि किसी व्यक्ति का टीकाकरण हो चुका है या जो व्यक्ति पहले भी कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुका है, तो उनसे यह संक्रमण कम लोगों को फैलेगा और टीकाकरण नहीं कराने वाले लोग वायरस को संभवत: शत-प्रतिशत फैलाएंगे।

कोरोना खत्म होने का संकेत नहीं है ओमिक्रॉन

डॉ. एंजेलिक कोएत्जी ने कुछ विशेषज्ञों की इस राय से असहमति जताई कि अपेक्षाकृत कमजोर स्वरूप ओमिक्रॉन के आने के साथ ही कोविड-19 समाप्त होने वाला है। कोएत्जी ने कहा, मुझे ऐसा नहीं लगता। मेरा मानना है कि यह (महामारी का शीघ्र समाप्त होना) मुश्किल होगा। मुझे लगता है कि यह अब स्थानीय स्तर पर फैलने वाला संक्रमण बनेगा।

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और घातक बन सकता है ओमिक्रॉन

कोएत्जी ने कहा, ”अभी ओमिक्रॉन खतरनाक नहीं है। यह उच्च संक्रमण दर के साथ तेजी से फैल रहा है, लेकिन अस्पतालों में गंभीर मामले अपेक्षाकृत कम हैं। इस वायरस का एकमात्र मकसद लोगों को संक्रमित करना और जीवित रहना है और हां, बच्चे भी इससे संक्रमित हो रहे हैं, लेकिन वे औसतन पांच से छह दिन में ठीक हो रहे हैं।” उन्होंने कहा कि ओमिक्रॉन भविष्य में अपना स्वरूप बदलकर अधिक घातक बन सकता है और ऐसा भी संभव है कि यह नहीं हो।

ओमिक्रॉन के खिलाफ टीकाकरण कारगर

कोएत्जी ने कहा कि मास्क पहनने और कोविड-19 संबंधी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने जैसे कदम ओमिक्रॉन संक्रमण को नियंत्रित करने में बड़ी भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा, ”टीके, बूस्टर खुराक, मास्क, वायु संचार की अच्छी व्यवस्था, भीड़ से दूर रहना और व्यावहारिक ज्ञान का इस्तेमाल मददगार हैं। इसके अलावा लक्षणों को जानें और यह भी जानकारी रखें कि जांच कब करानी है, चिकित्सक को कब दिखाना है और कब उपचार करना है।”

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