रायपुर : सोचिए एक शराब प्रेमी कैसा महसूस करेगा यदि उसे किसी जगह पर बिना ज्यादा पैसे दिए बार जैसी सभी सुविधाएं मिल जाएं। सिर्फ एक इशारे पर पानी, सोडा, कोल्ड ड्रिंक, से लेकर पापड़, सलाद और किसी भी किस्म का चखना और अंतिम में बिल भी आ जाए और वो भी अपनी गाड़ी में बैठे-बैठे बिना किसी मेहनत के। कुछ ऐसा ही अनुभव इन दिनों राजधानी में शराब प्रेमियों को मिल रहा है नया रायपुर रोड पर।

राजधानी के सबसे प्रमुख मार्गों में से एक जी. ई. रोड पर मैग्नेटो मॉल के कुछ आगे छोकरा नाला के पास कुछ ढाबे हैं जिनके सामने की सर्विस रोड इन दिनों शराब प्रेमियों के लिए ड्रीम स्पॉट बनी हुई है। यहाँ ढाबों के सामने सर्विस रोड पर गाड़ियों की लम्बी कतार लगी रहती है। जिनमें से कई गाड़ियों में शराब प्रेमियों के जाम पर जाम का दौर चलता रहता है। इन महफिलों में इन ढाबों से पानी, सोडा, कोल्ड-ड्रिंक और चखना आदि की बराबर सप्लाई होती रहती है और दौर थमने के पहले बिल भी गाड़ियों तक पहुँचा दिया जाता है।

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कार के अंदर विस्की, सड़क पर चलना रिस्की

सड़क किनारे कार के अंदर शराब सेवन सड़क दुर्घटनाओं को भी आमंत्रण देता है। इन सब बातों से परेशान स्थानीय लोग दोपहिया वाहन से भी सर्विस रोड की जगह हाइवे का प्रयोग करने को मजबूर हैं। जिसके कारण हर रोज 2-4 स्थानीय लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं। साथ ही सकड़ किनारे शराब सेवन करने वाले यहाँ से मदमस्त होकर गाड़ी लेकर सीधे हाइवे पर निकल जाते हैं। शराब के नशे में धुत्त वाहन चालकों की गाड़ियाँ हाइवे पर आते ही हवा से बातें करने लगती हैं। और हाइवे पर ये कभी भी अपने साथ साथ अन्य लोगों को भी दुर्घटना की ओर धकेल सकते हैं।

शराब सिगरेट से माहौल गर्म, परिवार वालों को आ जाती है शर्म

गौरतलब है कि इन ढाबों में लोग अपने परिवार के सदस्यों के साथ भी आते हैं। शराब के आशिकों के कारण जो लोग परिवार के साथ आते हैं उन्हें खासी समस्या का सामना करना पड़ता है। शराबी सड़क किनारे ही गाड़ी में बैठे शराब के साथ सिगरेट के कश लगाते रहते हैं। जिससे परिवार के साथ आने वालों और खासकर महिलाओं और बच्चों को ऐसे माहौल से समस्या होती है।

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इन शराब सेवन करने वालों में काफी आबादी मनचलों की भी होती है, जिससे छींटाकशी जैसी घटनाएं होना यहाँ रोजमर्रा की बात है। आस पास के कॉलोनियों में रहने वालों को भी इन सबके कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय निवासियों को तो इससे बचने के लिए रास्ता तक बदलना पड़ रहा है।

जनता त्रस्त, पुलिस माननीयों की सेवा में व्यस्त

मुख्य मार्ग में प्रतिदिन शराब सेवन के इस मामले में स्थानीय लोगों ने कई बार शिकायत की है। पर विशेष महत्व के लोगों की सेवा, सुरक्षा के सामने ऐसे सड़क पर गाड़ी खड़े करके महफिल जमाने जैसे मुद्दे को पुलिस शायद तवज्जो ही नहीं देना चाहती। पुलिस ने वहाँ व्यवस्था बनाने की पूरी जिम्मेदारी ढाबा संचालकों और आम लोगों के भरोसे ही छोड़ दी है।

एक और समस्या बड़ी आम, सड़क पर लगा रहता है जाम

सर्विस रोड पर बेतरतीब गाड़ियाँ खड़ी होने के कारण सर्विस रोड का बड़ा हिस्सा घिर जाता है और आवाजाही के लिए सड़क पर काफी कम जगह बचती है। जिसके कारण शाम से देर रात तक ढाबों के सामने सड़क पर जाम लगा रहता है। ऐसे में लोगों का काफी समय सड़क पर लगने वाले इस जाम के कारण बर्बाद होता रहता है। जिसके चलते इस सड़क पर रोज आने जाने वाले लोग आवाजाही के लिए दूसरे रास्तों का विकल्प खोजने लगे हैं।

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