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दुर्ग : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के धमधा ब्लॉक में गिद्धों की लुप्त प्राय प्रजाति ‘इजीप्शियन वल्चर’ को घुमते देखा गया है। जिसके बाद जिले में इनका संरक्षण करने का कार्य शुरु कर दिया गया है। जिले के कलेक्टर ने इस प्रजाति की सुरक्षा के लिए वन विभाग और रेवेन्यू विभाग को मिलकर वल्चर के निवास के लिए जगह चिह्नांकित करने और वहाँ उनका आवास विकसित करने के निर्देश दिए हैं। वन विभाग के अधिकारियों ने इस इजीप्शियनि प्रजाती के बारे में बताया कि इस प्रजाति के गिद्ध वहां मौजूद बड़े पेड़ों में घोंसले बनाकर रह रहे हैं। यह छत्तीसगढ़ में इनकी प्रजाति के संरक्षण और सुरक्षा के लिए बहुत ही अच्छा संकेत है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ऐसे क्षेत्रों में जहां ‘इजीप्शियन वल्चर’ की बसाहट सबसे अधिक पाई गई है वहां इनके संरक्षण के लिए संरक्षित क्षेत्र बनाने का निर्णय लिया है। फारेस्ट और रेवेन्यू की संयुक्त टीम ने धमधा ब्लॉक जाकर जगह चिह्नांकन के लिए सर्वे का कार्य शुरू कर दिया है।

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गिद्धों के लिए के बनाए जाएगें ‘वल्चर रेस्टारेंट’

इजीप्शियन वल्चर मृतभक्षी होते हैं इनके भोजन के लिए मरने वाले जानवरों को यहां लाया जाएगा। इनको संरक्षित करने के लिए एक खास क्षेत्र को ‘वल्चर रेस्टारेंट’ के रुप में विकसित किया जाएगा। इन पक्षियों का दिखाई देना केवल दुर्ग ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ केल लिए एक बड़ी बात है। यह पक्षियों की एक दुर्लभ प्रजाति है इसलिए इनका संरक्षण जरूरी है। इस क्षेत्र में ऐसे पौधे का रोपण किया जाएगा जो गिद्धों के रहने के लिए अनुकूल बातावरण प्रदान करेंगे। गिद्ध पीपल जैसे ऊंचे पेड़ों में रहना पसंद करते हैं। कंजर्वेशन वाले क्षेत्र में भी इसी तरह के पौधे लगाए जाएंगे। ‘वल्चर रेस्टारेंट’ में ऐसी सुविधा का विकास होगा जो गिद्धों के रहने के लिए अनूकुल होगा।

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