नई दिल्ली : बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी नेता लालू प्रसाद यादव चारा घोटाले के मामले में दोषी करार पाए गए थे। जिसके बाद चारा घोटाले के 2 मामलों में उन्हें जमानत मिल गई है। सीबीआई ने इस जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सीबीआई ने झारखंड हाई कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल की है, जिसमें लालू प्रसाद यादव को जमानत पर रिहा करने को हरी झंडी दी गई थी।

सीबीआई के इस आवेदन पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव को नोटिस जारी किया है। इस मामले में 4 हफ्ते के बाद सुनवाई की जाएगी। लालू प्रसाद यादव को झारखंड हाई कोर्ट ने दुमका और चाईबासा कोषागार मामले में जमानत पर रिहा करने के आदेश दे दिए थे। लेकिन चारा घोटाले के अन्य मामले में दोषी करार दिए जाने के कारण लालू फिलहाल जेल में है। अब जमानत मिल जाने के बाद इस मामले में सीबीआई ने झारखंड सरकार के साथ मिलकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। दरअसल सीबीआई ने इस घोटाले में जांच करने के बाद लालू प्रसाद यादव और अन्य आरोपियों को सजा दिलवाई थी। लेकिन सजा काट रहे आरोपी झारखंड सरकार की न्यायिक हिरासत में हैं। इसलिए झारखंड सरकार भी इसमें पक्षकार है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में नोटिस जारी कर लालू प्रसाद यादव से जवाब तलब किया है।

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यह है अपील का आधार

सुनवाई के दौरान झारखंड सरकार के माध्यम से सीबीआई ने कहा कि लालू प्रसाद यादव को दी गई जमानत का आधार गलत है। क्योंकि अपराधी लालू प्रसाद यादव ने अपेक्षित समय जेल में नहीं बताया है। सीबीआई ने सर्वोच्च न्यायालय में कहा है कि झारखंड उच्च न्यायालय ने लालू की जमानत याचिका मंजूर कर अपना फैसला सुनाते हुए कहा था कि लालू पहले ही जेल में सजा का आधा हिस्सा काट चुके हैं, जबकि यह सत्य नहीं है।

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