जानें किस विशेष अधिकार के तहत समाजवादी नेता आजम खान को मिली अंतरिम जमानत

प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने समाजवादी नेता मोहम्मद आजम खान को संपत्ति हड़पने के मामले में अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने 1 लाख रुपये के मुचलके व दो प्रतिभूति पर जमानत दे दी है। इससे पहले आजम खान के खिलाफ नई एफआईआर दर्ज की गई है।

माना जा रहा था कि यदि इस केस में जमानत मंजूर हुई तो वह जेल से बाहर निकल आएंगे, लेकिन अब नया केस दर्ज होने से दर्ज आखिरी मामले में अब जमानत मिलने के बावजूद रिहाई नहीं हो सकेगी।

इस मामले में जस्टिस एल नागेश्वर राव, जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस एस गोपन्ना की पीठ ने फैसला  सुनाया है। गौरतलब है कि 80 से अधिक मामलों में आजम खान पिछले 26 महीनों से सीतापुर जेल में बंद हैं। एक के बाद एक केस दायर होने से परेशान आजम के लिए यह राहत की खबर है। आजम खान को ट्रायल कोर्ट से अब तक 88 मामलों में जमानत मिल चुकी है लेकिन 89वें मामले में जमानत को लेकर ट्रायल शुरू होना था इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 142 का प्रयोग कर जमानत दे दी।

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यूपी सरकार ने किया था जमानत याचिका का विरोध

सुप्रीम कोर्ट ने 17 मई को उत्तर प्रदेश रामपुर जिले के कोतवाली थाने से जुड़े एक मामले में समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान की अंतरिम जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार ने जेल में बंद समाजवादी पार्टी के नेता आजम खां की जमानत याचिका का विरोध किया था और उन्हें भूमि कब्जा करने वाला और आदतन अपराधी करार दिया था।

सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को लगाई थी फटकार

उत्तर प्रदेश राज्य की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने भी आजम खान की याचिका का विरोध किया। सुप्रीम कोर्ट ने पहले आजम खान की जमानत याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा फैसला सुनाए जाने में लंबी देरी पर नाराजगी व्यक्त की थी और इसे न्याय का उपहास कहा था।

कपिल सिब्बल ने लगाए यूपी सरकार पर आरोप

सपा नेता आजम खान को जमानत देने को लेकर उनके वकील कपिल सिब्बल ने आरोप लगाया था कि यूपी सरकार उनके मुवक्किल को राजनीतिक द्वेष का शिकार बना रही है। साथ ही कहा था कि आजम खान दो साल से जेल में हैं, उन्हें अब जमानत दे दी जानी चाहिए। कोर्ट के आज फैसला आने पर साफ हो जाएगा कि आजम खान जेल रहेंगे या अब खुली हवा में सांस लेंगे और या फिर अभी उनको अभी जमानत के लिए और लड़ाई लड़नी होगी।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।