नई दिल्ली। दूसरे देशों से निर्भरता को खत्म करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा बड़ा फैसला लिया गया। जिसमें भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आत्मनिर्भर भारत योजना की शुरुआत की गई । केंद्र सरकार द्वारा संचालित यह योजना अन्य देशों के लिए भी आदर्श बनता जा रहा है।


रक्षा सामग्री निर्यात करने बढ़ाया जा रहा है उत्पादन
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने के लिए भारत तेजी से कदम बढ़ा रहा है। ना केवल अपने लिए बल्कि दूसरे देशों को भी रक्षा सामग्री निर्यात करने के लिए हथियारों का उत्पादन बढ़ाया जा रहा है। इस बीच भारत और आर्मीनिया के बीच बड़ी डील हुई है।

आर्मेनिया अपने पड़ोसी अजरबैजान से लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद से जूझ रहा है। ऐसे में वह अपनी सेना को मजबूत करने के लिए भारत का सहारा ले रहा है। भारत बड़ी मात्रा में हथियार और रक्षा उपकरण आर्मेनिया को सप्लाई करेगा।

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भारत आर्मीनिया को पिनाक मल्टी बैरेल रॉकेट लॉन्चर देगा
जानकारी के मुताबिक यह काफी बड़ी डील है। डील लगभग 2 हजार करोड़ रुपये की हो सकती है। बता दें कि भारत ने अपनी नीतियों में सुधार किया है और हथियारों के निर्यात बढ़ाने पर अहम फैसला किया है। मिली जानकारी के मुताबिक के मुताबिक भारत आर्मीनिया को पिनाक मल्टी बैरेल रॉकेट लॉन्चर भी देगा जो कि भारत की सेना पहले से ही इस्तेमाल कर रही है।


रेंज बढ़ाने पर भी काम चल रहा
ज्यादातर हथियार ऐसे हैं जिनकी डिजाइन डीआरडीओ ने बनाई  है और अब प्राइवेट सेक्टर की कंपनियां इनका उत्पादन कर रही हैं। भारतीय सेना ने हाल ही में 6 अतिरिक्त पिनाक रेजिमेंट का ऑर्डर दिया है। वहीं इसकी रेंज बढ़ाने पर भी काम चल रहा है।

डील के मुताबिक भारत आर्मीनिया को एंटी टैंक रॉकेट भी सप्लाई करेगा। हालांकि ऐसा पहली बार नहीं है कि भारत आर्मीनया को रक्षा उपकरण सप्लाई कर रहा है। साल 2020 में भारत ने चार स्वाति रडार आर्मीनिया को दिए थे जिनकी कीमत 350 करोड़ रुपये थी।

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भारतीय सेना के द्वारा डिजाइन किए गए ये रडार रॉकेट, मिसाइल, मोर्टार को ट्रैक करने में सक्षम थे। इन रडार को भारत ने भी पाकिस्तान और चीन की सीमा पर तैनात कर रखा है। बता दें कि भारत ने 2025 तक 35 हजार करोड़ रुपये की रक्षा सामग्री को निर्यात करने का लक्ष्य रखा है। पिछले साल लगभग 13 हजार करोड़ रुपये का निर्यात किया गया था। 

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