बहुत सारे लोग ये मानते हैं कि पुरुषों को 40 वर्ष के बाद और महिलाओं को 45 वर्ष की उम्र के बाद हार्ट अटैक होता है। जबकि हार्ट अटैक होने की कोई उम्र नहीं है। दिल का दौरा किसी को कभी भी हो सकता है।

हर साल 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस के रूप में मनाया जाता है, वर्ल्ड हार्ट डे की थीम हर साल अलग-अलग रखी जाती है। कुछ बातों का ख्याल रखते हुए पूरे विश्व में हृदय के प्रति जागरूकता पैदा करने और हृदय संबंधी समस्याओं से बचने के लिए विभिन्न उपायों पर प्रकाश डालने के थीम पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन द्वारा वर्ल्ड हार्ट डे मनाने की शुरुआत हुई। यह एक वैश्विक अभियान है जिसके माध्यम से लोगों को यह बताया जाता है कि हृदय रोग से कैसे बचा जा सकता है। वर्ल्ड हार्ट डे हर साल नई थीम के साथ मनाया जाता है। आजकल इस तरह की खबरें बहुत आम हैं कि किसी को नाचते हुए हार्टअटैक आ गया या जिम में एक्सरसाइज करते समय कार्डिएक अरेस्ट हो गया या कोई रात में सोया तो सुबह उठ ही नहीं पाया क्योंकि नींद में ही उसका दिल बंद हो गया।

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ऐसे में प्रशन उठना स्वाभाविक है कि क्या हमारा दिल इतनी अचानक ही बंद हो जाता है या हमारी धड़कनें रूकने से पहले हमारा दिल कुछ संकेत देता है? तो इस वर्ल्ड हार्ट डे पर जानिए क्या है वो लक्षण जो दिल के बीमार होने का संकेत देते हैं, अगर हार्ट अटैक या कार्डिएक अरेस्ट हो जाए तो चिकित्सीय सहायता पहुंचने से पहले फर्स्ट एड के कौन-कौनसे विकल्प उपलब्ध हैं। हमारा दिल धड़कता रहे और हमारी सांसे चलती रहें, इसके लिए कौन-कौनसे जरूरी कदम उठाए जा सकते हैं।

इस साल 2022 में विश्व हृदय दिवस की थीम “यूज हार्ट फॉर एवरी हार्ट” है। विश्व हृदय दिवस की स्थापना के बाद से हर साल, विश्व स्तर पर हृदय स्वास्थ्य जागरूकता अभियान को बढ़ावा देने के लिए एक विशिष्ट विषय के इर्द गिर्द ये दिन मनाया जाता है। इस साल विश्व हृदय दिवस की थीम एक दूसरे का समर्थन करके हृदय रोग से लड़ने के लिए दुनिया भर के लोगों को एकजुट करने पर केंद्रित है।

विश्व हृदय दिवस का महत्व
हृदय मानव शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में से एक है, इसके खराब होने से मृत्यु हो सकती है। इसलिए हृदय स्वास्थ्य का ध्यान रखना सभी के लिए बहुत जरूरी है, हृदय स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल की कुछ आदतों के बारे में जागरूकता की कमी के कारण हृदय रोग दुनिया भर में मृत्यु दर के प्रमुख कारणों में से एक है। हर साल लगभग 1.7 करोड़ लोग हृदय रोग के कारण मर जाते हैं, जो सभी वैश्विक मृत्यु दर का लगभग 31 प्रतिशत है।

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दिल का दौरा, स्ट्रोक और कोरोनरी हृदय रोग हृदय संबंधी विकारों के कारण होने वाली मौतों के सबसे आम कारणों में से एक हैं। विश्व हृदय दिवस दुनिया भर के लोगों को हृदय स्वास्थ्य के महत्व को समझने के लिए जागरूकता पैदा करने के लिए कई कार्यक्रमों के आयोजन में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए अन्य संगठनों को एक साथ लाने में बड़ी भूमिका निभाता है।

कोरोना में हार्ट की समस्‍या

आज कोरोना के दौर में इसका महत्‍व और अधिक बढ़ गया है, जब महामारी के बीच लोगों में हार्ट से जुड़ी समस्‍याएं तेजी से बढ़ रही हैं। डॉक्‍टर भी इस बात का संकेत दे रहे है कि कोरोना महामारी की वजह से लोगों की सक्रीयता में कमी आई है और बड़ी संख्‍या में लोग हार्ट से जुड़ी बीमारियों की तरफ खिंचे चले आ रहे हैं। ऐसे में जरूरी है कि वे नियमित जांच कराते रहें और तमाम परिस्थितियों के बीच भी बेहतर लाइफ स्‍टाइल का पालन करें।

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कैंपेन में किस तरह लें हिस्‍सा

वर्ल्‍ड हार्ट फेडरेशन इस साल कैंपेन चला रही है कि लोग, परिवार, समाज, सरकार सभी इस कैंपेन से जुड़ें और खुद और दूसरों को अपने हार्ट को बेहतर बनाए रखने के लिए एक्टिविटी में हिस्‍सा लें. इसमें सभी देश के लोग हिस्‍सा लें और सीवीसी यानी कार्डियोवैस्कुलर डिजीज को कंट्रोल करने का अभियान चलाएं. इसके लिए लोग पोस्‍टर बना सकते हैं और अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर कर सकते हैं। फेडरेशन का कहना है कि अगर लोग रिस्‍क फैक्‍टर यानी तम्‍बाकू सेवन, अनहेल्‍दी डाइट, निष्क्रिय जीवन से बाहर निकलकर बेहतर जीवन जीते हैं तो 80 प्रतिशत प्रीमैच्‍योर डेथ को रोका जा सकता है

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