CM's Letter For The Job Of A Peon - नौकरी के लिए CM का कथित पत्र की चर्चा
CM's Letter For The Job Of A Peon - नौकरी के लिए CM का कथित पत्र की चर्चा

विशेष संवादाता, रायपुर

सूबा-ऐ-सदर अगर किसी दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी को नौकरी से हटाने पर सीधे कलेक्टर को पत्र लिख दें तो पूरे दफ्तर का ख़ौफ़ज़दा होना जायज़ है। ऐसा ही एक वाकया जांजगीर-चांपा जिले में हुआ। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का एक कथित पत्र कलेक्टर टीपी सिन्हा के पीए के पास पहुंचा। पत्र में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी को निकले जाने पर भाषाई तल्खियां भी थीं और अंत में सादर भी लिखा गया था।

सीएम के लेटर पेड की हूबहू नक़ल अच्छे अच्छों का पसीना निकलने काफी होता है। ऐसे में कलेक्टर टीपी सिन्हा के पीए भी गच्चा खा गए। मामले में हड़बड़ाए पीए मुख्यमंत्री का फटकार भरा पत्र लेकर कलेक्टर सिन्हा के पास पहुंचे और अपने खौफ से आगाह किया। टीपी सिन्हा ने भी एक नहीं कई बार सीएम के कथित पत्र को बांचने के बाद मामला समझ गए।

आखिरकार शांत, सरल लेकिन अनुभवी प्रशासनिक अधिकारीयों में उनकी गिनती होती है। श्री सिन्हा समझ गए क्योंकि वे जानते हैं सादर शब्द का प्रयोग आमतौर पर नहीं होता। वैसे भी टीपी मुख्यमंत्री सचिवालय और जनसम्पर्क में रह चुके हैं। मुस्कुराते हुए सीएम के कथित पत्र को फ़ौरन पुलिस को जाँच के लिए देने का आदेश पीए को दिया है।

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