Sarkari Naukri : IPR में होनी है 51 साइंटिफिक असिस्टेंट की भर्ती, 15 फरवरी से कर सकते हैं आवेदन

टीआरपी डेस्क। प्लाज्मा अनुसंधान में सरकारी नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए अच्छी खबर है। भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग के अधीन प्लाज्मा अनुसंधान संस्थान (आइपीआर) में साइंटिफिक असिस्टेंट के पदों पर भर्ती निकली है। संस्थान द्वारा जारी विज्ञापन (सं.02/2023) के अनुसार सिविल, कंप्यूटर, इलेक्ट्रिकल, इस्ट्रूमेंटेशन, मेकेनिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और फिजिक्स विषयों में कुल 51 साइंटिफिक असिस्टेंट की भर्ती की जानी है। इन सभी पदों पर नियमित आधार पर सीधी भर्ती की जानी है।

15 फरवरी से करें आवेदन

इच्छुक उम्मीदवार संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट, ipr.res.in पर उपलब्ध कराए जाने वाले ऑनलाइन अप्लीकेशन फॉर्म के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। आवेदन प्रक्रिया 15 फरवरी से शुरू होनी है और उम्मीदवार 15 मार्च तक अपना अप्लीकेशन सबमिट कर सकेंगे। आवेदन के दौरान उम्मीदवारों को 200 रुपये के शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यमों से करना होगा। एससी, एसटी, दिव्यांग, ईडब्ल्यूएस और एक्स-सर्विसमेन कटेगरी के उम्मीदवारों के लिए शुल्क का नियम नहीं है।

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जानें आवेदन के नियम

आइपीआर साइंटिफिक असिस्टेंट भर्ती अधिसूचना के अनुसार आवेदन के इच्छुक उम्मीदवारों किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से रिक्तियों से सम्बन्धित विषय में डिप्लोमा न्यूनतम 60 फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण होना चाहिए। हालांकि, फिजिक्स विषय के लिए उम्मीदवारों को 60 फीसदी या अधिक अंकों के साथ बीएससी डिग्री उत्तीर्ण होना चाहिए। उम्मीदवारों की आयु 18 वर्ष से कम और 30 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। साथ ही, आरक्षित वर्गों के उम्मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा में छूट का भी नियम है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।