GRAMIN TAHSILDAR

गरियाबंद। राजिम तहसील अंतर्गत ग्राम बेलटुकरी में दशकों पुराने मुक्तिधाम की जमीन पर एक ग्रामीण ने अवैध तरीके से कब्ज़ा कर लिया और राजस्व अमले से मिलीभगत करके उसका अपने नाम पर पट्टा भी बनवा लिया। इससे परेशान ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि बीते 3 साल से जमीन कब्जामुक्त करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, बावजूद इसके जब राजस्व अमले ने कोई पहल नहीं की तब पूरा गांव तहसीलदार कार्यालय पहुंच गया और जल्द कार्रवाई की मांग की।

ग्राम बेलटुकरी के सरपंच भावना देवांगन ने बताया कि गांव में पूर्वजों के समय से ही सीतला तालाब के पास मुक्तिधाम स्थित है, जहाँ पर अंतिम संस्कार का कार्य किया जाता है। करीब तीन साल पूर्व बलिराम साहू पिता फत्ते लाल साहू ने मुक्तिधाम की भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर पट्टा बना लिया है, इसकी जानकारी ग्रामीणों को तब हुई जब मुक्तिधाम का सौंदर्यीकरण हेतु नक्शा का नकल निकाला गया। गंभीर बात यह है कि 15 साल पहले तत्कालीन सरंपच चेमन लाल धीवर के कार्यकाल में यहां बोरिंग की खुदाई की गई थी, इस बोरिंग को भी बलिराम ने अपने कब्जे में ले लिया है।

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अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के सचिव तेजराम विद्रोही ने बताया कि ग्रामीण द्वारा अवैध कब्ज़ा कर लिए जाने से मुक्ति धाम में सौन्दर्यकरण कार्य रुक गया है, वहीं रोजगार गारंटी के तहत भी कोई कार्य नहीं हो पा रहा है। इसी के मद्देनजर आज सभी ग्रामीण राजिम तहसील कार्यालय पहुंचे और तहसीलदार तेखन टोंडरे का घेराव किया।

ग्रामीणों ने इस तरह घेरा तहसीलदार को

ग्रामीणों की बात सुनने के बाद तहसीलदार ने एक टीम बनाकर गांव भेजने की कही। यह टीम संबंधित भूभाग की जांच करके जो रिपोर्ट देगी उसके अनुसार कार्यवाही की जाएगी। इस आश्वासन पर ग्रामीण लौट तो गए, मगर जाते-जाते यह चेतावनी भी देते गए कि जमीन कब्जामुक्त नहीं होने की दशा में वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

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