नई दिल्ली। भारतीय कुश्ती महासंघ के चेरयमैन बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ इस वक्त देश के नामचीन पहलवानों ने मोर्चा खोला हुआ है। पहलवान बृजभूषण शरण सिंह कि गिरफ्तारी को लेकर अड़े हुए हैं तो वहीं इसी बीच बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दर्ज की गई दो एफआईआर की डिटेल रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें उन पर काफी संगीन आरोप लगाए गए हैं।


बृजभूषण शरण सिंह के ऊपर दो एफआईआर
मिली जानकारी के अनुसार बृजभूषण शरण सिंह के ऊपर दो एफआईआर हुए है, जिसमें 7 पहलवानों ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की है। पहली प्राथमिकी नाबालिग का यौन शोषण करने के मामले में हुई है, इसमें बृजभूषण के खिलाफ पाक्सो के तहत केस दर्ज हुआ है। जबकि दूसरी प्राथमिकी में धारा 354, 354ए , 354डी और 34 के तहत शिकायत की गई है। इस प्राथमिकी में डब्ल्यूएफआई सचिव विनोद तोमर का भी नाम है। इस एफआईआर में छेड़छाड़ के 10 मामले हैं।

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सेक्सुअल फेवर की मांग की उसने हमसे
आपको बता दें कि धारा 354 का मतलब है किसी महिला को उसकी मर्जी के बिना छूना, उसकी लज्जा भंग करना और धमकाना, जबकि 354ए का मतलब यौन उत्पीड़न और 354डी पीछा करना और 34 इरादा गलत रखना होता है। दूसरी एफआईआर में 6 महिला पहलवानों ने शिकायत की है। इन पहलवानों का कहना है कि बृजभूषण शरण सिंह धोखे से पहलवानों को कमरे में बुलाते थे और फिर बिना उनकी मर्जी से उनके स्तन और पेट पर हाथ लगाते थे और उनसे सेक्सुअल फेवर की मांग की करते थे। जब कोई पहलवान इसका विरोध करती थी तो वो इसको डराते -धमकाते थे।


अगर आरोप सही साबित हुए तो
आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के बाद दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ 28 अप्रैल को FIR दर्ज की थी। खास बात ये है कि इस शिकायत में जिन यौन शोषण की घटनाओं का जिक्र हुआ है, वो साल 2012 से 2022 के बीच की हैं, कुछ घटनाएं विदेशी दौरों पर भी हुई थीं। पहली प्राथमिकी में लगे आरोप अगर सिद्ध होते हैं तो बृजभूषण शरण सिंह को दस साल की और अगर दूसरी प्राथमिकी के आरोप सिद्ध होते हैं तो तीन साल की जेल हो सकती है।

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‘मैं खुद फांसी पर लटक जाऊंगा, नार्को के लिए भी तैयार
जबकि दूसरी ओर WFI के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण लगातार पहलवानों के आरोपों को नकार रहे हैं और खुद को निर्दोष बता रहे हैं। उन्होंने एक दिन पहले ही गोंडा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मैं अपने सारे बयानों पर कायम हूं, जबकि पहलवान अपनी मांगें बार-बार बदल रहे हैं, मैं हर तरह की जांच के लिए तैयार हूं। मैं फिर से कह रहा हूं कि एक भी आरोप अगर सही साबित हुआ तो सच कह रहा हूं मैं खुद फांसी पर लटक जाऊंगा। उन्होंने कहा था कि मैं तो नार्को टेस्ट के लिए भी तैयार हूं लेकिन मेरी तरह पहलवानों का भी ये टेस्ट होना चाहिए।


पहलवानों ने स्वीकारा बृजभूषण शरण सिंह का चैलेंज
जिसे स्वीकारते हुए महिला खिलाड़ियों ने कहा कि ‘नाबालिग समेत जितनी भी महिला पहलवानों ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर की है, वो सभी नार्को टेस्ट कराने को तैयार हैं। लेकिन इसे कोर्ट की निगरानी में लाइव होना चाहिए, जिससे पूरी दुनिया को पता चले कि क्या सच है और क्या झूठ है।

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