नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश कहर बरपा रही है। राज्य में बीते 2-3 दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है। इसके चलते अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी और करीब 10 लोग घायल हैं। वहीं, 303 जानवर भी इसका शिकार हो चुके हैं। बारिश की वजह से करीब तीन करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान है। इतना ही नहीं, इसमें 124 सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिनमें दो राष्ट्रीय राजमार्ग शामिल हैं।

रविवार को हिमाचल प्रदेश के मंडी में बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई। इसके बाद मंडी-कुल्लू राष्ट्रीय राजमार्ग ब्लॉक हो गया। मंडी में व्यापक क्षति हुई है, कई घर और पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हिमाचल प्रदेश के सोलन और हमीरपुर जिलों में बादल फटने से अचानक आई बाढ़ और रविवार को शिमला में फसलों, घरों और वाहनों को भी नुकसान पहुंचा।

मौसम विभाग की तरफ से आधिकारिक बयान जारी कर कहा गया कि औट के पास खोती नाला में लगातार बारिश और बाढ़ के साथ गंभीर मौसम की स्थिति ने मंडी-कुल्लू राष्ट्रीय राजमार्ग को ब्लॉक कर दिया है। इतना ही नहीं, राजमार्ग के वैकल्पिक मार्ग भी अवरुद्ध हैं। किसानों के लिए भी एडवाइजरी जारी की गई है। इसमें कहा गया कि बारिश के परिणामों से बचने के लिए पर्याप्त व्यवस्था के उपाय कर लीजिए। साथ ही, सलाह देते हुए कहा कि खड़ी फसलों, फलों के पौधों और नई पौध को नुकसान पहुंच सकता है। किसानों को बारिश, गरज और बिजली के सीधे प्रभाव से बचने के लिए पर्याप्त व्यवस्था करने की सलाह दी जाती है।

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हिमाचल प्रदेश आपदा प्रबंधन के प्रधान सचिव ओंकार चंद शर्मा ने कहा कि, 151 डीटीआर बाधित हो गया है। इसके साथ ही 6 जलापूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों की मदद से कई पर्यटकों को बचाया गया है। हम यहां आने वाले सभी पर्यटकों से अनुरोध करते हैं कि वे राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन की ओर से जारी सभी आवश्यक दिशानिर्देशों का पालन करें।