रायपुर। प्रदेश में एक ही जगह अंगद की पैर की तरह जमे पुलिस अधिकारियों की शिकायत चुनाव आयोग में पहुंचने लगी है। विधानसभा चुनाव से पहले एक ही जिले में तीन साल से अधिक, गृह जिला या चुनाव के समय पदस्थ रहने वाले पुलिस अधिकारियों के तबादले करने के नियम है, लेकिन कुछ थानेदार अपने रसूख और जुगाड़ के चलते तबादला रुकवाने में सफल हो जाते है।

रायपुर, दुर्ग पुलिस थाने और रेलवे में ऐसे कई निरीक्षक, एसआइ स्तर के अधिकारी हैं, जो पिछले दस साल से एक ही जिले में पदस्थ हैं। इन्हीं में से एक रेलवे
वहीं एक ही जिले में तीन साल से अधिक समय तक पदस्थ रहने वाले शासकीय कर्मचारियों को हटाने का सिलसिला जारी है।

नियमानुसार विधानसभा चुनाव से पहले एक जिले में तीन साल से अधिक समय तक गृह जिला या चुनाव के समय पदस्थ रहने वाले शासकीय कर्मचारियों का तबादला किया जाता है, लेकिन कई ऐसे अधिकारी आज भी एक स्थान पर जमे हुए हैं।

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रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बिलासपुर, सरगुजा, बस्तर रेंज के थाना और रेलवे में कई निरीक्षक, एसआइ, एएसआइ स्तर के अधिकारी पांच से दस साल से अधिक समय तक एक ही जिले में पदस्थ होने की शिकायत निर्वाचन आयोग तक पहुंचने लगी है।

रायपुर जीआरपी में एक निरीक्षक पांच साल से अधिक समय से निरीक्षक रहे फिर पदोन्नत होकर डीएसपी बन गए लेकिन अब तक वहां से हिले नहीं। नेशनल ह्यूमन वेलफेयर काउंसिल छत्तीसगढ़ के चेयरमैन टीके निहाल ने ऐसे कुछ वर्दीवालों की शिकायत मुख्य निर्वाचन अधिकारी रीना बाबा साहेब कंगाले से करते हुए इनके तबादला करने की मांग की है।

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