रायपुर। त्योहारी सीजन चल रहा हैं और माना जाता हैं की इस सीजन में होने वाले कारोबार सालभर से होने वाले कारोबार से सबसे ज्यादा चलता हैं इलेक्ट्रानिक्स, आटोमोबाइल, सराफा और कपड़ा सेक्टर की तरह बैंकिंग सेक्टर भी ग्राहकों की मौज कराने में जुट गए है। होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन, मार्टगेज लोन, एजुकेशन लोन, गोल्ड लोन आदि पर बैंकों द्वारा आकर्षक आफर दिया जा रहा है। कुछ बैंकों ने तो अपने आफर का नाम ही त्योहार की उमंग रख दिया है और यह त्योहारी उमंग 31 दिसंबर तक जारी रहेगी।

बैंकिंग अधिकारियों के अनुसार त्योहारी आफर में कई लाभ और रियायतों के साथ ही सभी प्रकार के लोन पर आफर दिए जा रहा हैं। इसके साथ ही बैंक ने अपने डेबिट और क्रेडिट कार्ड धारकों को त्योहारी छूट देने इलेक्ट्रानिक्स, ट्रैवल और खाद्य कंपनियों के साथ समझौता भी किया हैं। भारतीय स्टेट बैंक, यूनियन बैंक, सेंट्रल बैंक, पीएनबी सहित अधिकांश राष्ट्रीयकृत बैंक और निजी बैंकों द्वारा भी आफर दिया जा रहा है। फाइनेंस कंपनियों द्वारा दिए जा रहे लोन में कैशबैक का भी लाभ दिया जा रहा है।

See also  भारत-रूस-चीन मिलकर देंगे डॉलर को चुनौती, क्या अमेरिका की दादागिरी होगी खत्म ?

जानकारी के अनुसार त्योहारी अवधि में होम लोन 8.40 प्रतिशत पर उपलब्ध होगा, साथ ही कोई प्रोसेसिंग फीस भी नहीं ली जाएगी। साथ ही कार लोन पर 8.70 प्रतिशत और जीरो प्रोसेसिंग शुल्क है। शिक्षा लोन पर 8.55 प्रतिशत के साथ ही 60 बेसिस प्वाइंट की छूट है। बैंकों द्वारा आटोमोबाइल संस्थानों के साथ ही सुपर बाजार से भी समझौता किया गया है, इसके तहत कार्ड से खरीदारी पर कैशबैक की सुविधा है।

यूपीआइ एटीएम की भी है सुविधा

पिछले दिनों बैंक आफ बड़ौदा ने यूपीआइएटीएम शुरू किया है। इसमें एटीएम से नकद निकालने कार्ड की जरूरत नहीं होगी। आपको मशीन में दिखाए गए क्यूआर कोड तो अपने किसी भी यूपीआइ एप से स्कैन करना होगा और उसके बाद यूपीआइ पिन डालने पर नकद निकलता है।

गोल्ड और पर्सनल लोन में किसे चुनना है बेहतर

जब भी आपको पैसे की अचानक जरूरत पड़ जाए तो हमारे सामने दो विकल्प होते है। पहला विकल्प पर्सनल लोन और दूसरा विकल्प घर में पड़े सोने को गिरवी रखकर लोन उठा लें। गोल्ड लोन एक प्रकार का सेक्योर लोन होता है, इसमें उधार लेने वाले अपने गोल्ड एसेट्स जैसे आभूषण या सिक्कों को बैंक या नान बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी के पास गिरवी रखकर लोन उठाते है। गोल्ड लोन की तुलना में पर्सनल लोन एक अन सेक्योर लोन होता है, इसे व्यक्ति बैंक या अन्य फाइनेंशियल संस्थानों से प्राप्त करता है। पर्सनल लोन के लिए आपको कुछ भी बैंक में जमा रखने की आवश्यकता नहीं होती। गोल्ड लोन की अवधि छह महीने से 48 महीने तक होती है। पर्सनल लोन लेने पर बैंक आपको 12 महीने से 72 महीने का समय देता है। पिछले वर्ष त्योहारी सीजन में पर्सनल लोन लेने वाली काफी ज्यादा बढ़ गए थे,हालांकि गोल्ड लोन भी काफी ज्यादा बढ़ा है।

See also  Governor's ADC : IPS उमेश गुप्ता की नियुक्ति निरस्त! अब सुनील शर्मा की जगह उदित पुष्कर संभालेंगे राज्यपाल के परिसहाय की जिम्मेदारी…

इस प्रकार तय होती है लोन की राशि

दोनों लोन के लिए उधार की लिमिट अलग-अलग होती है। आरबीआइ के नियम के अनुसार गोल्ड लोन के तहत मैस्किमम लोन टू वैल्यू(एलटीवी) 75 फीसद है। महामारी के दौरान आरबीआइ ने इसे बढ़ाकर 90 फीसद तक कर दिया था। यानि आप एक लाख का गोल्ड गिरवी रखते है तो आपको 75 हजार रुपये दिए जाएंगे। पर्सनल लोन के मामले में लोन की राशि 20 हजार रुपये से लेकर एक करोड़ तक हो सकती है। इसमें क्रेडिट स्कोर व रिपेमेंट कैपिसिटी देखी जाती है।

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे
फेसबुक, ट्विटरयूट्यूब, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, टेलीग्रामकू
 पर

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।