रायपुर। राज्य शासन ने अधिसूचना जारी करते हुए जांच एजेंसी एंटी करप्‍शन ब्‍यूरो (ACB) को सूचना का अधिकार (RTI) के दायरे से बाहर कर दिया है। सरकार ने यह अधिसूचना 10 नवंबर को जारी की है। इसके जरिये एसीबी को आरटीआई से छूट दे दिया गया है। सरकार के इस कदम को गलत बताते हुए इस मामले में याचिका दायर करने वाले RTI कार्यकर्त्ता ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करने की बात कही है।

RTI कार्यकर्त्ता की याचिका पर सुनाया था फैसला

आरटीआई कार्यकर्ता राजकुमार मिश्रा ने एसीबी को सूचना का अधिकार के नियम से छूट देने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इस पर हुई सुनवाई में हाईकोर्ट की डबल बेंच ने माना कि एसीबी को आरटीआई में छूट देने के संबंध में राज्‍य सरकार की तरफ से जारी अधिसूचना त्रुटिपूर्ण है। यह अधिसूचना सरकार ने 1 अगस्‍त 2013 को जारी किया था। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में राज्‍य सरकार को 2013 में जारी अधिसूचना में सुधार करने का निर्देश दिया था।

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हाई कोर्ट के आदेश के परिपालन का उल्लेख, मगर…

सामान्य प्रशासन विभाग, छत्तीसगढ़ की उप सचिव मेरी खेस्स के हस्ताक्षर से जारी इस अधिसूचना में उल्लेख किया गया है कि उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ बिलासपुर द्वारा WP(C) No. 1270/2017 में पारित आदेश दिनांक 19-10-2023 के परिपालन में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना दिनांक 01-08-2013 को अब निम्नानुसार पढ़ा जावे-

“सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 24(4) में प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन एतद्वारा एंटी करप्शन ब्यूरो को धारा 24(4) के परन्तुक तथा धारा 8(1) के अध्याधीन (अधीन) रहते हुए सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 से छूट प्रदान करता है।”

इसमें गौर करने वाली बात यह है कि हाई कोर्ट ने RTO की अधिसूचना में सुधार करने का निर्देश शासन को दिया था। मगर इसके उलट परिपालन की बात कहते हुए ACB को RTI के दायरे से बाहर रखने की छूट प्रदान कर दी गई है।

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हाई कोर्ट के आदेश का खुला उल्लंघन बताया

RTI कार्यकर्ता राजकुमार मिश्रा ने इस मामले में TRP न्यूज़ से चर्चा करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने उच्च न्यायलय के आदेश का खुला उल्लंघन करते हुए कोर्ट को चैलेन्ज किया है। मिश्रा ने कहा कि शासन ने अधिसूचना में ऐसे शब्दों का उल्लेख किया है, जिससे लोगो की समझ में न आ सके। उन्होंने कहा है कि वे इस मामले में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मानहानि का मामला कोर्ट में दायर करेंगे।

सिटीजन पोर्टल में भी नहीं खुल रही जानकारी

बता दें कि RTI के संबंध में हाईकोर्ट द्वारा RTI कार्यकर्त्ता राजकुमार मिश्रा की याचिका पर दिए गए फैसले के बाद पुलिस विभाग के Citizen Portal में ACB और EOW में होने वाले FIR की जानकारी दी जाने लगी थी, मगर अब फिर से इसे ब्लॉक कर दिया गया है। इसमें ACB/EOW थाने में दर्ज प्रकरणों की जानकारी सर्च किये जाने पर No Result Found! आ रहा है।

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