टीआरपी डेस्क। जर्मनी के क्रोमलाउ पार्क ब्रिज को शैतानी पुल (Devil’s Bridge) कहा जाता है। इस पुल की सबसे बड़ी खासियत इसका अर्धगोलाकार मेहराब के आकार में बना होना है। यह पुल पूर्वी जर्मनी के क्रोमलाउ पार्क में बना है। जब पुल के नीचे जलाशय में पानी शांत होता है और रोशनी पड़ती है तो दूर से एक खूबसूरत गोलाकार आकृति बनती है। दर्शकों को यह दृश्य परियों की कहानी जैसा लगता है।

शैतान ने बनाया पर रखी अजीब शर्त :

 

इस पुल को बनने से जुड़ीं कई कहानियां हैं। कहा जाता है कि इसको शैतानों की मदद से बनाया गया। कहानी के मुताबिक, पुल के बिल्डर और शैतान के बीच एक डील हुई थी। शैतान ने पुल बनाने में मदद के लिए एक शर्त रखी थी। पुल से पहले गुजरने वाले इंसान को खाने की शैतान ने शर्त रखी थी यानी पुल से जो पहला इंसान गुजरता, शैतान उसे खा जाता। फिर बताया जाता है कि पुल बनने के बाद बिल्डर ने शैतान को बेवकूफ बनाना शुरू कर दिया। उसने कोशिश की कि कोई जानवर पहले पुल से होकर गुजरे। लेकिन कहते हैं कि बिल्डर कामयाब नहीं हुआ और किसी वजह से मजबूरी में खुद उसे पुल पर सबसे पहले जाना पड़ा और शैतान के लिए अपनी जिंदगी कुर्बान कर दी।

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यूरोप में कई हैं शैतानी पुल :

यूरोप में कई ऐसे पुल हैं जिनको शैतानी पुल कहा जाता है। सबके बारे में यही कहा जाता है कि उनको शैतान ने बनाया है। ज्यादातर पुल मध्यकाल में 1000 से 1600 के बीच बने हैं। वैसे क्रोमलाउ पार्क वाला पुल 1860 में पूरा हुआ। इसको बनाने में फील्डस्टोन और बसाल्ट का इस्तेमाल किया गया है।

 

 

कैसे जाएं :

इस पुल का जर्मनी में नाम राकोत्सबुके है जो क्रोमलाउ पार्क में स्थित है। क्रोमलाउ पार्क 200 एकड़ में फैला हुआ एक सुंदर फॉरेस्ट पार्क है जो पोलैंड की सीमा से लगा हुआ है। बर्लिन से यह पार्क 2 घंटे की दूरी पर है और स्कोनफेल्ड एयरपोर्ट से 90 मिनट की दूरी पर है।

कब जाएं :

अगर आप पानी में बन रही गोलाकार मेहराब की प्रतिबिंब का तस्वीर लेना चाहते हैं तो आपको ऐसे मौसम में वहां जाना चाहिए जब झील में पानी हो। अगर नीचे पानी जमा हो या पानी नहीं तो फिर मजा नहीं आएगा।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।