बिलासपुर। स्वीपरों के मानदेय में दो करोड़ 83 लाख 42 हजार 408 रुपये का गलत आहरण करने पर कोटा बीईओ एमएल पटेल और सहायक ग्रेड तीन व लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष सुनील यादव को स्कूल शिक्षा विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

चेक में कूटरचना कर 56 लाख की बंदरबांट की गई है। कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। एमएल पटेल ने बिल्हा विकासखंड शिक्षा अधिकारी रहते हुए सत्र 2014-15 से 2017-18 के बीच सफाई कर्मचारियों के मानदेय की राशि का गलत ढंग से आहरण किया।

इसमें सहायक ग्रेड तीन सुनील यादव की भी भूमिका रही। लंबे समय से इस मामले में जांच चल रही थी। निलंबन आदेश छत्तीसगढ़ शिक्षा मंत्रालय की ओर से 10 जनवरी को जारी किया गया है।

बैंक प्रबंधन की भूमिका भी संदिग्ध :

प्रकरण में यह भी पुष्टि हुई है कि चेक में कूटरचना कर राशि निकाली गई है। 12 हजार रुपए के चेक को दो लाख 12 हजार रुपए का बनाया गया। इसी तरह करीब 10 से 12 चेक का आहरण किया गया।

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बीईओ के हस्ताक्षर समेत राइटिंग में बदलाव के बाद भी बैंक अधिकारियों ने इसे नजरअंदाज किया। दो स्वीपरों के नाम से कई बार राशि निकली है। ऑडिट में इसका उल्लेख है। जांच कमेटी ने भी बैंक के कार्य को सही नहीं माना है।

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