रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित IAS अफसर और इन दिनों बिलासपुर कलेक्टर की जिम्मेदारी संभाल रहे अवनीश शरण पिछले कुछ दिनों से बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम को लेकर सोशल मीडिया में काफी सक्रिय हैं। आज उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल X पर पहले तो अपने शिक्षा यात्रा के बारे में बताया। फिर दूसरे ट्वीट में उन्होंने कक्षा 10 वीं में प्राप्त अंकों का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को सन्देश दिया है कि “ख़राब मार्क्स लाकर कुछ गलत स्टेप उठाने से पहले एक बार मेरा 10वीं का रिजल्ट देख लें’

IAS अवनीश शरण ने उन विद्यार्थियों को मोटिवेट करने की कोशिश की है जो बोर्ड में खराब परिणाम आने पर हताशा में जानलेवा कदम उठा लेते हैं। अवनीश शरण ने सोशल मीडिया पर अपनी 10वीं कक्षा के अंक शेयर किये हैं। वे 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में थर्ड डिवीजन यानी तृतीय श्रेणी से पास हुए थे। उन्हें 700 में से सिर्फ 314 अंक मिले हैं। मार्कशीट के अनुसार, हिंदी में 100 में से 54 अंक, संस्कृत में 100 में से 30 अंक, गणित में 100 में से 31 अंक, फिजिक्स में 50 में से 21 अंक, केमिस्ट्री में 50 में से 18 अंक, बायोलॉजी में 50 में से 26 अंक मिले हैं। इसके बावजूद वे आगे सफलता-असफलता की सीढ़ी चढ़ते हुए आखिरकार आईएएस अधिकारी बने हैं।

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अवनीश शरण ने अपने मार्क्स शेयर कर संदेश दिया है कि किसी कक्षा में मेरिट पाने या बेहतर पर्सेंटेज स्कोर करने मात्र से जिंदगी में सफलता नहीं मिलती है। सफलता का अंकों या मार्कशीट से लेना-देना नहीं होता।

गौरतलब है कि अवनीश शरण ने अपने जिले में परिणाम आने से काफी पहले विद्यार्थियों की कॉउन्सिलिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। फेसबुक पर ऑनलाइन पर विद्यार्थियों को सन्देश देने और उनकी शंकाओं का समाधान करने के लिए बाकायदा अधिकारियों और वरिष्ठों को इस कार्य में लगाया गया था। अपने इसी प्रयास के तहत IAS अफसर ने अपनी शिक्षा यात्रा को सोशल मीडिया पर वायरल किया और यह सन्देश देने का प्रयास किया कि खराब परिणाम आने पर हताश होने की जरुरत नहीं, आप मेहनत करके आगे सफलता हासिल कर सकते हैं।