रायपुर। पहाड़ों और जंगलों के बीच रहने वाले जोगेश्वर यादव को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। छत्तीसगढ़ के जशपुर के रहने वाले जोगेश्नर यादव एक समाज सेवक हैं, जो कि आदिवासियों के उत्थान के लिए लगातार काम कर रहे हैं।

बता दें कि जोगेश्नर यादव साल 1989 से ही बिरहोर जनजाति के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने शिवरों के जरिए निरक्षरता को खत्म करने और स्वास्थ्य व्यवस्था को आदिवासियों तक पहुंचाने के लिए दिन रात कड़ी मेहनत की है। कोरोना महामारी के दौरान वैक्सीन उनके ही प्रयासों से ही आदिवासियों तक पहुंचाई जा सकी। उनकी ही जागरूकता के कारण जशपुर जिले में शिशु मृत्यु दर को कम करने में भी मदद मिली।

जागेश्वर यादव आदिवासियों के बीच ‘बिरहोर के भाई’ के नाम से नाम से भी जाने जते हैं। साल 2015 में उनके बेहतर कार्य के लिए उन्हें शहीद वीर नारायण सिंह सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है। जागेश्वर यादव की कोशिशों का ही नतीजा है कि अब इस जनजाति के बच्चे भी स्कूल जाकर पढ़ाई ककर रहे हैं। जनसेवा के लिए जशपुर जिले में उन्होंने एक आश्रम भी बनाया है।

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जागेश्वर यादव नाम पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किए जाने पर परिवार और पूरे गांव में खुशी का माहौल है। लोग लगातार घर जाकर उनको बधाई दे रहे हैं।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।