नई दिल्ली। सरकार ने साइबर अपराधों को रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। इसी कड़ी में DOT (DEPARTMENT OF TELECOMMUNICATION) ने दूरसंचार कंपनियों को साइबर अपराध में संलिप्तता के कारण देशभर में 28,200 मोबाइल हैंडसेट बंद करने का निर्देश दिया है। इन हैंडसेट के जरिये लगभग 20 सिम कार्ड (मोबाइल कनेक्शन) इस्तेमाल किया गया। दूरसंचार विभाग ने इन सभी कनेक्शन का तत्काल पुन: सत्यापन करने को कहा है, और पुन: सत्यापन में विफल रहने वाले कनेक्शनों को डिस्कनेक्ट करने का भी निर्देश दिया गया है।

केंद्र और राज्यों ने साइबर अपराध रोकने उठाया कदम

दूरसंचार विभाग, गृह मंत्रालय और राज्य पुलिस ने साइबर अपराध तथा वित्तीय धोखाधड़ी में दूरसंचार संसाधनों का दुरुपयोग रोकने के लिए हाथ मिलाया है। इसका मकसद धोखेबाजों के गिरोह का खात्मा करना और नागरिकों को डिजिटल खतरों से बचाना है।

बयान के मुताबिक, ‘‘गृह मंत्रालय और राज्य पुलिस के विश्लेषण से पता चला है कि साइबर अपराधों में 28,200 मोबाइल ‘हैंडसेट’ का दुरुपयोग किया गया। इन मोबाइल फोन के साथ करीब 20 लाख नंबरों का इस्तेमाल किया गया। ’’

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इसमें कहा गया, ‘‘दूरसंचार विभाग ने दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को देशभर में इन 28,200 मोबाइल फोन को ब्लॉक करने तथा इनसे जुड़े 20 लाख मोबाइल कनेक्शन का तत्काल दोबारा सत्यापन करने और सत्यापन में नाकाम रहने पर कनेक्शन काटने के निर्देश जारी किए।’’

52 इकाइयों को डाला गया काला सूची में

दूरसंचार विभाग ने दूरसंचार धोखाधड़ी से संबंधित शिकायतों के निपटान के लिए दो महीने पहले ‘चक्षु’ मंच पेश किया था। इस पोर्टल के सक्रिय होने के बाद से संदिग्ध संदेश भेजने में लिप्त 52 इकाइयों को काली सूची में डाला जा चुका है।