नई दिल्ली। RSS leader Indresh Kumar: भाजपा के एनडीए सहयोगियों के साथ गठबंधन कर सरकार बनाने ओर भाजपा के लोकसभा चुनाव प्रदर्शन को अहंकार से जोड़ने वाली अपनी टिप्पणी से विवाद खड़ा करने के बाद आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने विवाद को कम करने का प्रयास करते हुए कहा कि जिन लोगों ने भगवान राम का विरोध किया था, उन्हें उन लोगों ने पराजित कर दिया जिन्होंने अयोध्या में देवता की महिमा को पुनर्स्थापित किया। लोकसभा चुनाव के बाद 240 सीटों के साथ भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। पार्टी ने एनडीए सहयोगियों के साथ मिलकर सरकार बनाई है।

हालांकि, कांग्रेस द्वारा इस टिप्पणी को लेकर भाजपा पर निशाना साधने के बाद इंद्रेश कुमार ने यू-टर्न ले लिया। उन्होंने मीडिया को दिए बयान में साफ किया, “इस समय देश का मूड बिल्कुल साफ है। भगवान राम का विरोध करने वाले सत्ता में नहीं हैं, जिन्होंने भगवान राम के सम्मान को लक्ष्य बनाया था, वे सत्ता में हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तीसरी बार सरकार बनी है।

See also  Chardham Yatra Schedule 2025: कल से शुरु होगी चारधाम यात्रा, जानें कब, कहां, पहुंचेगा श्रद्धालुओं का जत्था, यहां देखिए पूरा Schedule

इंद्रेश कुमार ने कहा कि, “मैं सिर्फ इतना कहना चाहूंगा कि देश इन सबसे आगे निकल चुका है। उन्होंने अपना नया लक्ष्य तय कर लिया है और खुद को नए नेतृत्व के साथ जुड़ा हुआ देखना चाहते हैं। भगवान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा और एनडीए को देश को पूरी गति से आगे ले जाने का अवसर दिया है। बता दें कि बता दें कि पिछले सप्ताह आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने मणिपुर में हिंसा को लेकर मोदी सरकार को फटकार लगाई थी। ताजा मामले को भी उसी जोड़कर देखा जा रहा है।