रायपुर। छत्तीसगढ़ में इन दिनों पोटाकेबिन अधीक्षकों की लापरवाही देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में बीजापुर जिले के गंगालूर पोटाकेबिन सहित ब्लॉक के आश्रमों में 187 बच्चे मलेरिया पॉजिटिव पाए गए हैं। गंगालूर सीएचसी में 20 बच्चों का इलाज चल रहा है। जबकि तीन दिन के अंदर जिले में मलेरिया से दो बच्चों की मौत हो चुकी है। वहीं अब इस पर सियासत शुरू हो गई है।

इसी मामले को लेकर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने साय सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि, हमारी सरकार ने बस्तर को मलेरिया मुक्त करने के लिए विशेष अभियान चलाया था। ये साय सरकार की लापरवाही का ही नतीजा है कि, बस्तर में बच्चे मलेरिया से जान गंवा रहे हैं। इस पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि, इस मामले में सीएमएचओ को विस्तृत जानकारी लेने के लिए कहा है। कल बीजापुर का दौरा करके जानकारी लूंगा।

वहीं कवर्धा जिले में पांच बैगा आदिवासियों की मौत पर भूपेश बघेल ने कहा कि, कवर्धा में डायरिया से पांच बैगा आदिवासियों की मौत हो गई। प्रदेशभर में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। इसपर स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि, राजनीतिक क्रेडिट के लिए भूपेश बयानबाजी कर रहे हैं। पांच बैगा आदिवासियों की मौत डायरिया से नहीं बल्कि अन्य कारणों से हुई है। प्रदेश में डायरिया के 10830 केस आए। स्वास्थ्य विभाग ने सभी का सफल उपचार किया गया। उन्होंने कहा कि, घटना की जानकारी के बिना दोष न लगाएं। अगर पिछले पांच सालों में स्वास्थ्य विभाग ठीक होता तो आज यह स्थिति नहीं होती।

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