बीजापुर। युवा आयोग के पूर्व सदस्य और भाजपा नेता अजय सिंह को स्थानीय पुलिस ने गिरफ्तार किया है। अजय सिंह का नाम पिछले दिनों तब चर्चा में आया जब मोबाइल से बातचीत में उसने कलेक्टर से अभद्रता की और उसका ऑडियो वायरल हो गया था। मगर बता दें कि अजय सिंह की गिरफ्तारी उस मामले में नहीं हुई है, बल्कि पुलिस ने उसे आदिवासी समाज के एक युवक के साथ जातिगत गाली-गलौच के मामले में गिरफ्तार किया है। अजय सिंह पूर्व में जिलाबदर हो चुका है और पुलिस के रिकॉर्ड में वह गुंडा बदमाश के रूप में दर्ज है।

आदिवासी समाज ने किया था विरोध प्रदर्शन

बता दें दो दिन पहले ही अजय सिंह ने आदिवासी समाज के एक युवक को जमकर जातिगत गालियां दी थी। इससे समाज के लोग काफी आहत थे। उसके खिलाफ FIR भी दर्ज करवाई गई थी। आदिवासी समाज ने गिरफ्तारी की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव किया था। इस दौरान कलेक्टर अनुराग पांडेय को आदिवासी समाज ने कार्रवाई को लेकर ज्ञापन भी सौंपा। हालांकि प्रशासन और पुलिस के आश्वासन के बाद समाज के लोग लौट गए थे। बाद में यह सूचना आयी कि बांगापाल थाना क्षेत्र से अजय सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

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कांग्रेस छोड़ बीजेपी में हो गया था शामिल

दरअसल अजय सिंह एक वक्त कांग्रेस का नेता हुआ करता था। लेकिन स्थानीय विधायक विक्रम मंडावी के साथ उसके रिश्ते नहीं अच्छे रहे, जिसके बाद पिछली सरकार में कांग्रेस के साथ उसका मोहभंग हो गया। एक वक्त में अजय सिंह को महेंद्र कर्मा का करीबी कहा जाता था। प्रदेश में जब कांग्रेस की सरकार आई तो उसे युवा आयोग का सदस्य बनाया गया था। लेकिन वो कुछ महीने पहले ही कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गया था।

बीजापुर कलेक्टर को दी थी धमकी

भाजपा नेता अजय सिंह का बीजापुर कलेक्टर को हटाने की धमकी देने का एक AUDIO सोशल मीडिया में वायरल हुआ था।

दरअसल 26 जुलाई को एक आडियो वायरल हुआ था, जिसमें बीजेपी नेता अजय सिंह और कलेक्टर अनुराग पांडेय के बीच तू-तू मैं-मैं सुनाई दे रही थी। बातचीत में नेताजी यह भी कहते हुए सुना जा सकते है कि उनकी कोई औकात नही है। अगर वो चाहे तो 4 दिन नही लगेगा हटाने में। भाजपा नेता की धमकी पर कलेक्टर अनुराग पांडेय कह रहे है कि तेरी जितनी औकात है कर ले।

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जिलाबदर होने के बाद भी नहीं आया सुधार

पुलिस के रोजनामचे में दर्ज रिकॉर्ड पर नजर डालें तो वर्तमान में बीजेपी नेता अजय सिंह के खिलाफ दो दर्जन आपराधिक मामले दर्ज हैं, वहीं उसके खिलाफ दो दर्जन बार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जा चुकी है। वहीं राजनीति में होने और बीजापुर क्षेत्र नक्सल प्रभावित होने के चलते अजय सिंह को ‘Z’ श्रेणी की सुरक्षा भी प्रदान की गई थी। आपराधिक रिकॉर्ड होने के चलते अजय सिंह को जिलाबदर कर दिया गया था। साल भर बाद वापसी के बाद भी उसकी बदमाशियां जारी रहीं। इस बीच फोन पर कलेक्टर को धमकी देने के बाद अजय सिंह ने इलाके के एक क्रेशर प्लांट पर जाकर आदिवासी युवक और अन्य लोगों के साथ धमकी-चमकी दी, गाली-गलौच और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। इसी मामले में पुलिस ने अजय सिंह को गिरफ्तार किया है। अजय सिंह के आपराधिक रिकॉर्ड पर डालिये एक नजर :