रायपुर। तहसील ऑफिस में पदस्थ एडीसी प्रदीप उपाध्याय ने दिवाली से ठीक पहले अपने घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या की थी। इससे पहले उपाध्याय ने एक सुसाइड नोट भी लिखा था जिसमे उन्होंने अपने आला अफसरों और सहकर्मियों पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। आत्महत्या के बाद इस मामले की जांच की मांग की जा रही थी। पिछले दिनों छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग संघ और ब्राह्मण समाज ने बड़े अधिकारियों से भेंट कर मामले की सूक्षम्ता से जांच और सुसाइड नोट में उल्लेखित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।

उपाध्याय आत्महत्या मामले में राज्य सरकार ने रायपुर संभाग के कमिश्नर को पत्र लिखकर मामले जांच करने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है। सामान्य प्रशासन ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए पत्र लिखा है। संभागायुक्त महादेव कावरे ने रायपुर तहसील कार्यालय में पदस्थ शासकीय कर्मचारी प्रदीप उपाध्याय के आत्महत्या मामले की जांच शुरू कर दी है। उन्होंने इस संबंध में आमजन, संस्थाओं के साथ कर्मचारी संघ की ओर से दस्तावेज, साक्ष्य और गवाही देने तारीख और समय सीमा तय कर दी है।

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उपाध्याय आत्महत्या मामले में संभागायुक्त के समक्ष 13 नवंबर से 20 नवंबर तक साक्ष्य पेश किए जा सकते है। साथ ही अन्य तथ्यों पर भी गवाही दी जा सकती है। आत्महत्या के बारे में कोई भी दस्तावेज, साक्ष्य या गवाही देने के लिए रायपुर संभागायुक्त कार्यालय में सुबह 10 से शाम 5.30 बजे तक उपस्थित होकर प्रस्तुत कर सकते हैं।