मोवा फ्लाईओवर में बनेगी नई सड़क, 3 से 8 जनवरी तक बंद

रायपुर। नगरीय निकाय चुनाव के पास आते ही राजधानी के सभी वार्डाें में जमकर विकास कार्य कराए जा रहे हैं। वार्डाें में कहीं नालियां बनाई जा रही है तो कहीं सामुदायिक भवन। साथ ही शहर की सड़कों पर डामरीकरण करवाया जा रहा है और कुछ जगहों पर मरम्मत का कार्य हो रहा है। सार्वजनिक सुलभ शौचालयों से लेकर नालियों को ढकने तक काम भी जारी है। वैसे ही पुल-पुलिया, चबूतरे और पेवर ब्लॉक जैसे काम भी शहर में होते देखे जा सकते हैं। कुछ वार्डाें में डामरीकरण के बाद सड़कों को खोदकर अंडरग्राउंड केबलिंग का काम किया गया तो कहीं स्थानीय निवासियों के विरोध के बाद भी मनमानी से काम किया जा रहा है। वजह यह है कि पिछले महीने सांसद, विधायक और महापौर निधि से विकास कार्याें के लिए राशि स्वीकृत हुई और जल्दबाजी में काम शुरू कर दिया गया।

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हाल ही में 22 करोड़ रूपए का बजट स्वीकृत होते ही शहरभर में विकास कार्य शुरू हो चुके हैं लेकिन इनमें कहीं भी कोई खास प्लानिंग नहीं की गई है। परिणामस्वरूप ऐसे सड़क जो पहले ही दुरूस्त थे, उन पर दोबारा डामरीकरण किया जा रहा है। जहां केवल पैचवर्क से काम चल सकता था, वहां भी नई सड़कें बनाई जा रही हैं। सड़क की परत को उखाड़े बिना ही नई सड़क बनाई जा रही है, जिससे कि सड़कों की ऊंचाई बढ़ रही है। कुछ जगह पर घरों और सड़क की ऊंचाई बराबर हो चुकी है तो कहीं घर सड़कों से नीचे आ चुकी है।

इधर, मोवा फ्लाईओवर का वजन भी बढ़ चुका है। अब यहां 3 से 8 जनवरी तक वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी क्योंकि यहां मरम्मत का काम चलेगा और नई सड़क बनाई जाएगी। फ्लाईओवर की सड़क के डामर की परत पीडब्यूडी की मिलिंग मशीन से उखाड़ी जाएगी। पंडरी, मोवा, सड्डू की तरफ से आने वाली गाड़ियों को अंडरब्रिज और देवेंद्र नगर मंडी गेट की ओर डायवर्ट किया जाएगा।

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टीआरपी न्यूज ने यह सवाल उठाया कि फ्लाईओवर की परत उखाड़कर नई सड़क बनाई जा रही है लेकिन शहर में सड़कों को बिना उखाड़े ही डामरीकरण किया जा रहा है। जिस पर विशेषज्ञों ने अपनी राय रखते हुए बताया कि यह सड़कों का निर्माण टेंडर प्रक्रिया विभागों की ओर से तय किए जाते हैं। नियमानुसार पहले पुरानी सड़क को उखाड़ा जाता है और फिर नई सड़क बनाई जाती है लेकिन ऐसा करने में खर्च ज्यादा आता है। सड़क के ऊपर डामरीकरण करने से लेयर मोटी होती है, इससे पर्यावरण का संतुलन बिगड़ता है और स्थानीय स्तर पर भी कई समस्याएं आती है।

राजधानी के वार्डाें के लिए स्वीकृत राशि
भगवती चरण शुक्ल वार्ड में डामरीकरण – 2.50 करोड़
अरविन्द दीक्षित वार्ड में डामरीकरण – 3.90 करोड़
चंद्रशेखर आजाद वार्ड में डामरीकरण – 26.42 लाख
संत रविदास वार्ड में डामरीकरण – 2.75 करोड़
सुभाषचंद्र बोस वार्ड में रोड, नाली – 1.86 लाख
सुंदर लाल शर्मा वार्ड में डामरीकरण – 26.35 लाख
स्वामी आत्मानंद वार्ड में डामरीकरण – 50 लाख
भगवती चरण शुक्ल में वार्ड डामरीकरण 2.50 करोड़
अरविन्द दीक्षित वार्ड में सड़क डामरीकरण – 3.90 करोड़
चंद्रशेखर आजाद वार्ड में डामरीकरण – 26.42 लाख
संत रविदास वार्ड में डामरीकरण – 2.75 करोड़
शहीद चूड़ामणि नायक वार्ड में डामरीकरण – 50 लाख
शंकर नगर वार्ड में डामरीकरण – 35 लाख
महात्मा गांधी वार्ड में डामरीकरण – 32 लाख
यतियतन लाल वार्ड में डामरीकरण – 1.50 करोड़
राजेंद्र प्रसाद वार्ड में डामरीकरण – 50 लाख
रानी दुर्गावती वार्ड में डामरीकरण – 50 लाख

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