बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों ने ग्रामीणों के लिए एक नई उम्मीद की किरण जगाई है। दरअसल माओवाद प्रभावित क्षेत्र कवरगट्टा में 151 बटालियन CRPF की पामेड़ एक्सिस ने एक फॉरवर्ड ऑपरेटिव बेस के तहत ग्रामीणों के लिए 24 घंटे चालू रहने वाला अस्पताल शुरू किया है। इस अस्पताल में वेंटिलेटर, कार्डिक मॉनिटर, बाइक और एंबुलेंस जैसी आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मौजूद हैं, जिससे आदिवासी समुदाय के लोगों को मुफ्त में चिकित्सा सेवा का लाभ मिल रहा है।

दशकों पुरानी समस्या का समाधान

वहीं अस्पताल खुलने की वजह से अब ग्रामीणों को कई किमी दूर इलाज के लिए चलना नहीं पड़ेगा। बता दें कवरगट्टा में पिछले दो दशकों से इलाज की कमी के चलते आदिवासियों की मौतें आम थीं, अब चिकित्सा सुविधा के माध्यम से राहत का अनुभव कर रहा है। ग्रामीणों को पहले इलाज के लिए 20 किमी तक पैदल चलना पड़ता था, चिंतावागु नदी पार करनी पड़ती थी, या गंभीर परिस्थितियों में तेलंगाना के चेरला और भद्राचलम जैसे दूरस्थ इलाकों तक का सफर तय करना पड़ता था।

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ग्रामीणों के लिए वरदान

नई स्वास्थ्य सुविधा के चलते अब बीमार और घायल ग्रामीणों को लंबे सफर की जरूरत नहीं है। अस्पताल में 24 घंटे उपलब्ध एंबुलेंस सेवाएं और प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ न केवल जीवन बचाने का कार्य कर रहे हैं बल्कि माओवाद प्रभावित इस क्षेत्र में विश्वास और सुरक्षा का माहौल भी बना रहे हैं।